Vidisha Bharti

collapse
...
Home / राजनीति / मैहर में हाई-प्रोफाइल कार फ्रॉड का पर्दाफाश: फर्जी कागज, झूठा भाई और ₹6.5 लाख की ठगी!

मैहर में हाई-प्रोफाइल कार फ्रॉड का पर्दाफाश: फर्जी कागज, झूठा भाई और ₹6.5 लाख की ठगी!

2025-06-22  Editor Shubham Jain  1,068 views

ImgResizer_20250622_1546_48474
मैहर, मध्य प्रदेश: एक सनसनीखेज कार ठगी का मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। शनिवार को मैहर पुलिस ने एक महिला को फर्जी तरीके से कार बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह मामला न सिर्फ धोखाधड़ी की नई परतें खोलता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे शातिर अपराधी दूसरों की संपत्ति पर डाका डालने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं।
ऐसे हुआ ₹6.5 लाख का 'खेल'
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी पूजा मिश्रा, विवेक तिवारी और विपिन तिवारी ने मिलकर एक ऐसी साजिश रची, जिसे सुनकर कोई भी दंग रह जाएगा। इन तीनों ने मिलकर किसी और की मारुति सुजुकी जिम्नी अल्फा कार को अपनी बताकर एक भोले-भाले खरीदार को ₹6.5 लाख में बेच दिया। यह सिर्फ कार बेचना नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी, जिसमें फर्जी कागजात और पहचान का इस्तेमाल किया गया।
खुद के भाई को बनाया 'कार मालिक' का मोहरा
कहते हैं अपराधी कितनी भी कोशिश कर ले, कहीं न कहीं चूक कर ही जाता है। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। जब खरीदार ने कार के कागजात मांगे, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वाहन असल में संजय साकेत के नाम पर दर्ज था। लेकिन शातिर पूजा मिश्रा ने अपने छोटे भाई को ही संजय साकेत बनाकर खरीदार के सामने पेश कर दिया। उसने बड़ी चालाकी से बताया कि कार फाइनेंस पर है और छह महीने में किस्त चुकाकर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेकर कार ट्रांसफर कर दी जाएगी। यह सब इतनी सफाई से किया गया कि पहली नजर में कोई भी इस पर विश्वास कर लेता।
खरीदार ने ₹6.5 लाख की मोटी रकम देकर कोर्ट में बाकायदा लिखा-पढ़ी भी करवा ली। उन्हें लगा कि सब कुछ ठीक है और जल्द ही कार उनके नाम हो जाएगी। लेकिन उन्हें क्या पता था कि वे एक बड़े जाल में फंस चुके हैं।
19 फरवरी 2024: जब सामने आई सच्चाई की कड़वी हकीकत
कालांतर में 19 फरवरी 2024 को सच्चाई का कड़वा घूंट पीना पड़ा। जिसे वे वाहन मालिक संजय साकेत समझ रहे थे, वह असल में पूजा का सगा भाई निकला। यह जानकर खरीदार के होश उड़ गए। जब उन्होंने आरोपियों से अपने पैसे या कार वापस मांगी, तो उन्हें अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। यह स्पष्ट था कि वे पूरी तरह से ठगे जा चुके थे।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की तलाश
पीड़ित ने बिना देर किए मैहर पुलिस से संपर्क किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की और धारा 319(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया। गहन जांच-पड़ताल के बाद, मुख्य आरोपी पूजा मिश्रा को गिरफ्तार कर मैहर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया।
हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल ठगी के अन्य दो आरोपी, विवेक तिवारी और विपिन तिवारी, अभी भी फरार हैं। मैहर पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे धकेलने का दावा कर रही है।
ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान!
यह मामला हम सभी के लिए एक सबक है। कार खरीदने या बेचने जैसे बड़े वित्तीय लेन-देन में हमेशा अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। यहां कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जो आपको इस तरह की ठगी से बचा सकते हैं:
* मूल दस्तावेज जांचें: किसी भी वाहन को खरीदने से पहले उसके मूल पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC), बीमा और अन्य सभी संबंधित दस्तावेजों की thoroughly जांच करें। ऑनलाइन पोर्टल या आरटीओ से वाहन की जानकारी का सत्यापन अवश्य करें।


* वाहन मालिक से सीधे मिलें: हमेशा वाहन के वास्तविक मालिक से सीधे मिलें और उससे ही डील करें। यदि कोई तीसरा पक्ष इसमें शामिल है, तो उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।


* आरटीओ ट्रांसफर की पुष्टि: वाहन के मालिकाना हक का ट्रांसफर आरटीओ (Regional Transport Office) के माध्यम से ही करवाएं। किसी भी तरह के मौखिक या लिखित समझौते पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
* भुगतान में सावधानी: बड़ी रकम का भुगतान हमेशा बैंक ट्रांसफर या चेक के माध्यम से करें ताकि आपके पास भुगतान का रिकॉर्ड रहे। नकद भुगतान से बचें।


* पुलिस सत्यापन: यदि आपको किसी भी डील पर शक हो, तो संबंधित पुलिस स्टेशन से जानकारी ले सकते हैं।
यह घटना मैहर में आपराधिक तत्वों के बढ़ते दुस्साहस को दिखाती है। पुलिस की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जनता को भी जागरूक रहकर ऐसे जालसाजों से बचने की जरूरत है। क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में और सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है?


Share:

ब्लैक टाइगर