
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ नए साल का सबसे बड़ा एक्शन हुआ है। सागर लोकायुक्त पुलिस ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के कार्यपालन यंत्री (EE) एस.एल. बाथम और उनके ड्राइवर को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार का यह खेल पीएचई कार्यालय परिसर में ही एक कार के भीतर चल रहा था, जिसे लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़कर बेनकाब कर दिया।
6 लाख की डिमांड और 3.50% कमीशन का खेल
पूरा मामला करोड़ों रुपये के टेंडर और कमीशन से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, कार्यपालन यंत्री एस.एल. बाथम ने एक ठेकेदार से नल-जल योजना के तहत किए गए कार्यों के भुगतान और रिवाइज टेंडर के बदले में भारी-भरकम रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता ठेकेदार शैलेश कुमार के मुताबिक, दो गांवों में नल-जल योजना के अधूरे कार्यों को रिवाइज कराने और पुराने लंबित बिलों के भुगतान के बदले यह रकम मांगी गई थी। शासन द्वारा इन कार्यों के लिए करीब 2 करोड़ 16 लाख रुपये का टेंडर स्वीकृत किया गया था। आरोप है कि अधिकारी ने कुल राशि का 3.50 प्रतिशत कमीशन मांगा था, जो लगभग 6 लाख रुपये बैठता है।
कार में ली जा रही थी रिश्वत की पहली किश्त
रिश्वत की पहली किश्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये देना तय हुआ था। ठेकेदार ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की, जिसके बाद जाल बिछाया गया। बुधवार दोपहर करीब 1:15 बजे, पीएचई कार्यालय परिसर में खड़ी अधिकारी की कार में जैसे ही ड्राइवर फूल सिंह यादव ने ठेकेदार से 500-500 के नोटों की तीन गड्डियां (केमिकल युक्त) पकड़ीं, लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया।
लोकायुक्त टीम की सर्जिकल स्ट्राइक
इस बड़ी कार्रवाई को निरीक्षक कमल सिंह और रणजीत सिंह के नेतृत्व वाली 10 सदस्यीय टीम ने अंजाम दिया। लोकायुक्त ने कार्यपालन यंत्री और उनके ड्राइवर दोनों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपी बनाया है। कार्रवाई के दौरान जैसे ही ड्राइवर के हाथ धुलाए गए, उनका रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत है।
भ्रष्टाचारियों में मचा हड़कंप
पीएचई विभाग के इतने बड़े अधिकारी पर हुई इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस सिंडिकेट में कुछ और लोग भी शामिल हैं। फिलहाल, आरोपी अधिकारी और ड्राइवर से पूछताछ जारी है।