Vidisha Bharti

collapse
...
Home / राजनीति / खेत में इश्क लड़ाते पकड़े गए प्रेमी-प्रेमिका, ग्रामीणों ने करवाई हाथों-हाथ शादी! आगरा में फिल्मी ड्रामा

खेत में इश्क लड़ाते पकड़े गए प्रेमी-प्रेमिका, ग्रामीणों ने करवाई हाथों-हाथ शादी! आगरा में फिल्मी ड्रामा

2025-06-26  Amit raikwar  1,019 views

ImgResizer_20250626_0811_00482-1
आगरा, उत्तर प्रदेश: फिल्मी कहानियों को भी मात देने वाला एक अनोखा और हैरान कर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से सामने आया है. यहां फतेहाबाद के एक गांव में ग्रामीणों ने खेत में गुपचुप तरीके से मिलते हुए एक प्रेमी जोड़े को रंगे हाथों पकड़ लिया. इसके बाद जो हुआ, वह किसी ने सोचा नहीं था – गांव वालों ने तुरंत दोनों को पास के मंदिर में ले जाकर सात फेरे डलवा दिए और उनकी शादी करवा दी!

यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे प्रेम कहानियों का एक नया अध्याय बता रहे हैं.

प्यार की शुरुआत: एक मोबाइल दुकान से खेत तक का सफर

यह कहानी है 22 साल के लक्ष्मण सिंह की, जो फतेहाबाद के पटलुआपुरा गांव के रहने वाले हैं, और 20 साल की प्रीति की, जो शाहबेद गांव की निवासी हैं. इनकी प्रेम कहानी की शुरुआत लगभग एक साल पहले हुई थी, और वो भी एक आम मोबाइल की दुकान पर. लक्ष्मण जहां काम करते थे, वहीं प्रीति अपना मोबाइल ठीक कराने आई थीं. पहली मुलाकात में ही दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह बातचीत दोस्ती में और फिर गहरे प्यार में बदल गई. दोनों अक्सर एक-दूसरे से मिलने लगे और उनका रिश्ता परवान चढ़ने लगा.

24 जून का दिन: जब ग्रामीणों ने पकड़ लिया 'इश्क' को

24 जून का दिन इस प्रेमी जोड़े के लिए एक यादगार दिन बन गया. प्रीति ने लक्ष्मण को मिलने के लिए बुलाया. लक्ष्मण अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए करीब 8 किलोमीटर दूर से पटलुआपुरा गांव पहुंचा. दोनों गांव के बाहर एक खेत में बैठकर बातें कर रहे थे, अपनी दुनिया में खोए हुए थे. लेकिन, उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि कुछ ग्रामीणों की उन पर नज़र पड़ चुकी है.

अचानक, कुछ ग्रामीण वहां पहुंच गए और उन्होंने प्रेमी जोड़े को देख लिया. ग्रामीणों के हाथों पकड़े जाने के बाद लक्ष्मण और प्रीति दोनों ही घबरा गए. लेकिन, गांव वालों का इरादा कुछ और ही था. उन्होंने प्रेमी जोड़े को फटकार लगाने या उन्हें डांटने के बजाय, एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको चौंका दिया.

मंदिर में गूंजी शहनाई: ग्रामीणों ने करवाई शादी

ग्रामीणों ने बिना देर किए दोनों को उसी खेत से उठाया और पास के एक स्थानीय देवी मंदिर में ले गए. मंदिर में ले जाते ही, गांव वालों ने तुरंत शादी की तैयारियां शुरू कर दीं. किसी ने पंडित बुलाया तो किसी ने शादी का सामान जुटाया. गांव वालों के इस अचानक और निर्णायक कदम से लक्ष्मण और प्रीति भी हैरान रह गए, लेकिन उनके पास इसका विरोध करने का कोई मौका नहीं था.

देखते ही देखते, मंदिर में वैदिक मंत्रों का उच्चारण होने लगा. ग्रामीणों की मौजूदगी में लक्ष्मण और प्रीति ने अग्नि के सामने एक-दूसरे के साथ जीवन भर साथ रहने की कसमें खाईं. उन्होंने सात फेरे लिए और इस तरह, बिना किसी बड़े आयोजन या धूमधाम के, प्रेमियों की शादी संपन्न हो गई.

दहेज का रोड़ा और पुरानी सगाई का किस्सा

शादी के बाद लक्ष्मण ने एक दिलचस्प खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उनकी सगाई पहले से ही किसी और लड़की से हो चुकी थी. हालांकि, प्रीति के परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. लक्ष्मण के अनुसार, लड़की वालों ने उनसे दहेज में 5 लाख रुपये की मांग की थी, जिसके कारण प्रीति का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था. लेकिन, अब गांव वालों की पहल पर हुई इस शादी ने सभी पुरानी बाधाओं को तोड़ दिया.

शपथ पत्र: ‘हमने अपनी मर्जी से की है शादी’

मंदिर में शादी होने के बाद, इस नए-नवेले जोड़े ने अपनी शादी को कानूनी रूप देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया. उन्होंने एक शपथ पत्र (Affidavit) भी बनवाया, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि उन्होंने यह शादी अपनी मर्जी और स्वतंत्र इच्छा से की है. शपथ पत्र में दोनों ने एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी स्वीकार करने की बात कही है. इस शपथ पत्र को दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में प्रमाणित किया गया है, जिससे इस शादी को एक कानूनी वैधता मिल गई है.

यह घटना न सिर्फ प्रेम और रिश्तों की जटिलताओं को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण समाज में सामाजिक न्याय और समाधान के अनूठे तरीकों को भी उजागर करती है. अब देखना यह है कि यह अचानक हुई शादी लक्ष्मण और प्रीति के जीवन में क्या नया मोड़ लेकर आती है।


Share:

26