
लखीमपुर खीरी, [आज की तारीख]: लखीमपुर खीरी में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. जिस दामाद को 'मरा हुआ' मानकर ससुर दो महीने से भी ज़्यादा समय जेल में बिता चुका था, वही दामाद 15 साल बाद अचानक घर लौट आया है! इस हैरतअंगेज़ वापसी ने पुलिस को भी सकते में डाल दिया है और अब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. आखिर 15 साल तक वो कहां था? और उसकी 'हत्या' का आरोप झूठा क्यों साबित हुआ? आइए जानते हैं इस पहेली का हर पहलू…
एक गुमशुदगी जिसने ससुर को बनाया ‘हत्यारा’
यह कहानी शुरू होती है 16 साल पहले, जब मैलानी थाना क्षेत्र के कस्बा कुकरा निवासी असालत हुसैन की शादी नीमगांव थाना के कस्बा सिकंदराबाद निवासी कल्लन बेग की बेटी सूफिया से हुई थी. शादी के कुछ ही समय बाद, यानी करीब 15 साल पहले, असालत अपने ससुराल सिकंदराबाद आया और वहीं से रहस्यमय तरीके से गायब हो गया.
जब असालत की कोई खबर नहीं मिली और वह घर नहीं लौटा, तो उसके माता-पिता चिंतित हो गए. उन्होंने सिकंदराबाद जाकर समधी कल्लन बेग से अपने बेटे के बारे में पूछा. कल्लन बेग ने बताया कि खाना खाने के बाद असालत उन्हें बिना बताए कहीं चला गया था. लेकिन असालत के माता-पिता को इस बात पर यकीन नहीं हुआ. उन्हें शक हुआ कि उनके बेटे की हत्या कर दी गई है और उसकी लाश को कहीं गायब कर दिया गया है.
जेल की हवा खा चुका था ससुर, फिर लगा ‘फाइनल रिपोर्ट’
इस गंभीर शक के आधार पर, असालत के माता-पिता ने कल्लन बेग और उनके बेटों, अच्छन बेग और लल्लन बेग, निवासी सिकंदराबाद पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगा दिया. मामला पुलिस तक पहुंचा और कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई. जांच के दौरान, पुलिस ने असालत के ससुर कल्लन बेग को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जेल भेज दिया. कल्लन बेग को दो महीने से भी ज़्यादा समय तक जेल में रहना पड़ा, जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.
हालांकि, कहानी में मोड़ तब आया जब इस मुकदमे में बाद में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगा दी गई. इसका मतलब यह था कि पुलिस को उस समय असालत की हत्या के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले थे और मामला बंद कर दिया गया था. सबके लिए यह एक बंद अध्याय था.
15 साल बाद घर वापसी: एक चौंकाने वाला रहस्योद्घाटन!
लेकिन तकदीर को कुछ और ही मंजूर था. जिसने भी सोचा नहीं था, वह हुआ! 15 साल बाद, यानी अभी हाल ही में, 'मृत' मान लिया गया असालत हुसैन अचानक अपने घर लौट आया. उसकी यह अप्रत्याशित वापसी न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक बड़ा सदमा और जिज्ञासा का विषय बन गई है.
असालत के साथ उसकी दूसरी पत्नी और बच्चे भी हैं, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है. आखिर इतने सालों तक वह कहां था? क्या हुआ था उस दिन जब वह गायब हुआ था? और क्यों उसने अपने परिवार से कोई संपर्क नहीं रखा? ये वो सवाल हैं जो हर किसी के मन में घूम रहे हैं.
पुलिस की पड़ताल जारी: सच आएगा सामने?
असालत के घर वापस आने के बाद, पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है. प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार धीमान ने बताया कि असालत को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले लिखे गए हत्या के मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है.
मितौली के सीओ, जितेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि पुलिस कई बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है. असालत से पूछताछ के अलावा, पुलिस उसकी दूसरी पत्नी और बच्चों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है. सीओ परिहार ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है. हर कोई इस बात का इंतजार कर रहा है कि आखिर 15 साल पहले असालत के साथ क्या हुआ था और वह कहां गायब हो गया था. क्या यह सिर्फ एक गुमशुदगी थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है? पुलिस की जांच ही इस पूरे रहस्य से पर्दा उठाएगी.
क्या आपको लगता है कि असालत की गुमशुदगी के पीछे कोई राज़ है या यह सिर्फ एक इत्तेफाक था? अपनी राय हमें कमेंट सेक्शन में बताएं!