
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है, और आपदाग्रस्त हर किसान को मदद दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि विपत्ति में आए हर एक किसान को राहत राशि मिलेगी, क्योंकि एक-एक खेत का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसके साथ ही, सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर योजना का लाभ भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह घोषणाएँ शुक्रवार को उज्जैन जिले के उन्हेल में 133 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करते हुए की। इस दौरान उन्होंने उन्हेल क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं, जिससे क्षेत्र की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।
उन्हेल को मिली बड़ी सौगातें: 133 करोड़ से अधिक के विकास कार्य
उन्हेल क्षेत्र के नागरिकों के लिए यह दिन बड़ी सौगातों भरा रहा। मुख्यमंत्री ने कुल 133.80 करोड़ रुपए के कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इनमें सबसे बड़ी सौगात 127.63 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 23 किलोमीटर से अधिक लंबा इंगोरिया से उन्हेल टू-लेन मार्ग का निर्माण है। इस मार्ग के बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार आएगा।
अन्य प्रमुख कार्यों में 1.26 करोड़ रुपए के नवीन नगर परिषद कार्यालय भवन का भूमि-पूजन और 2.17 करोड़ रुपए की लागत के चिड़ी से रावदिया मार्ग निर्माण का भूमि-पूजन शामिल है। इसके अलावा, 2.74 करोड़ रुपए की लागत से बने करनावद विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण भी किया गया, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बेहतर होगी।
मुख्यमंत्री की घोषणाएँ: स्वास्थ्य, परिवहन और उद्योग पर ज़ोर
उन्हेल क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें शामिल हैं:
* उन्हेल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन।
* रामगढ़ बिहारिया मार्ग पर नारायण धाम को जोड़ने के लिए एक पुल का निर्माण।
* उन्हेल में विश्रामगृह का निर्माण।
इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए उन्हेल में इमली तथा मावा उद्योग से जुड़े व्यक्तियों और उनके व्यापार के विकास के लिए विशेष कार्य करने का भी आश्वासन दिया।
किसानों और बहनों के लिए राहत की खबरें
मुख्यमंत्री ने उन्हेल-इंगोरिया टू-लेन मार्ग निर्माण के लिए नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि क्षेत्र में विकास के कार्य लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गंभीर नदी परियोजना का लाभ भी उन्हेल क्षेत्र के नागरिकों और किसानों को मिलेगा।
किसानों के हित में उठाए गए कदमों पर ज़ोर देते हुए डॉ. यादव ने कहा कि भावांतर योजना लागू कर दी गई है और किसानों को घर बैठे ही योजना का लाभ मिलेगा। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों के मामले में, जिला कलेक्टरों से रिपोर्ट मिलते ही प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण किया जा रहा है।
महिलाओं के लिए उन्होंने एक बड़ी खबर दी: लाड़ली बहना योजना के तहत सहायता राशि की अगली किश्त दीपावली के पूर्व उपलब्ध कराई जाएगी।
गोपालन को बढ़ावा: 10 लाख रुपए तक का अनुदान
मुख्यमंत्री ने गोपालन और गौशाला योजना के तहत देसी गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि 25 देसी गायों के पालन पर 40 लाख रुपए के प्रोजेक्ट में अधिकतम 10 लाख रुपए का अनुदान सरकार देगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में इस वर्ष गोवर्धन पूजा धूमधाम से मनाई जाएगी।
प्रदेश सरकार का यह कदम किसानों को आर्थिक संबल देने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। आपदा की घड़ी में सरकार की यह पहल किसानों के लिए एक बड़ी राहत है, वहीं लाड़ली बहनों को त्योहार से पहले मिलने वाली राशि उनके उत्साह को दोगुना करेगी।