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किसानों की 'आग' पड़ी भारी: शिवराज के बंगले पर प्रदर्शन के मामले में MP कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर FIR दर्ज, सियासी पारा हाई!

2025-10-16  BHOPAL REPORTER VIJAY SHARMA  1,530 views

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को किसानों के मुद्दे को लेकर हुए सियासी ड्रामे के बाद बड़ा एक्शन लिया गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक समेत अन्य कार्यकर्ताओं पर एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। यह कार्रवाई केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सरकारी बंगले के बाहर बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने के मामले में की गई है। टीटी नगर पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिससे प्रदेश का राजनीतिक पारा गरमा गया है।

क्या है पूरा मामला?

बुधवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी अचानक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों के एक समूह के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित बंगले की ओर कूच कर गए थे। उनके साथ आए किसान अपनी फसल का सही दाम न मिलने और भावांतर योजना जैसी सरकारी नीतियों को लेकर भारी आक्रोश में थे।

दरअसल, जीतू पटवारी किसानों की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए शिवराज सिंह चौहान से मिलने का समय मांग रहे थे। जब उन्हें समय नहीं मिला, तो पटवारी ने सीधे किसानों के साथ मिलकर मंत्री के बंगले पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराने का फैसला किया। प्रदर्शन के दौरान जीतू पटवारी खुद अपने कंधे पर गेहूं की बोरी लादकर पहुंचे थे। उनका कहना था कि किसानों को भावांतर योजना नहीं, बल्कि उनकी उपज का उचित 'भाव' चाहिए।

गेहूं की बोरी फटी, सड़क पर बिछ गया अनाज

शिवराज सिंह चौहान के बंगले के पास पहुंचने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिससे हल्की झड़प हुई और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान गहमागहमी में अनाज से भरी बोरी फट गई और सड़क पर गेहूं बिखर गया। आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने बिखरे हुए गेहूं के पास ही बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

हालांकि, हंगामे के बीच खुद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने आवास से बाहर आए और उन्होंने जीतू पटवारी सहित कांग्रेस के कुछ नेताओं और किसानों के प्रतिनिधिमंडल को अंदर बुलाकर उनकी समस्याओं को सुना। बातचीत के बाद पटवारी और उनके साथी बंगले से वापस लौट गए, लेकिन यह सियासी प्रदर्शन पुलिस के लिए एक कानूनी चुनौती बन गया।

बिना अनुमति प्रदर्शन पर पुलिस का एक्शन

टीटी नगर थाना पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, कृषि मंत्री के आवास के बाहर इस तरह का प्रदर्शन करने के लिए किसी तरह की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी, जिससे न केवल धारा 144 (अगर लागू हो) का उल्लंघन हुआ, बल्कि आम रास्ता भी बाधित हुआ। इसी आधार पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और अन्य अज्ञात कार्यकर्ताओं पर बिना इजाजत धरना प्रदर्शन और मार्ग अवरुद्ध करने की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

कांग्रेस ने बताया किसानों की आवाज़, भाजपा ने बताया ‘ड्रामा’

कांग्रेस पार्टी ने इस एफआईआर को 'लोकतंत्र की हत्या' और किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। उनका कहना है कि वे किसानों को उचित मूल्य दिलाने की अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, चाहे उन पर कितनी भी एफआईआर दर्ज की जाएं।

वहीं, भाजपा नेताओं ने इस प्रदर्शन को 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं ने बयान जारी कर कहा कि जीतू पटवारी सिर्फ फोटो खिंचवाने और अपनी राजनीति चमकाने के लिए किसानों के मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बात सोयाबीन के दाम की थी, तो वह गेहूं की बोरी लेकर क्यों पहुंचे?

बहरहाल, मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर किसानों के मुद्दे पर उबाल आ गया है। इस एफआईआर ने राज्य में सत्ताधारी पार्टी और मुख्य विपक्षी दल के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।


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