
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के नवाडीहकला पियारटोली गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गांव के ही एक व्यक्ति ने 65 वर्षीय तिलासो नाग की बेरहमी से हत्या कर दी। उसका मानना था कि महिला के जादू-टोना के कारण ही उसके परिवार पर मुसीबतें आई हैं।
आरोपी ने आंख में घोंप दी लकड़ी, फिर कुचल दिया सिर
गांव के बोडरा उर्फ रूपदेव नाग को शक था कि तिलासो नाग के टोनही होने के कारण उसके बेटे की आंखों की रोशनी चली गई। इसी अंधविश्वास के चलते उसने पहले महिला की आंख में नुकीली लकड़ी घोंप दी और फिर ईंट से सिर और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
अकेलेपन का फायदा उठाकर दिया वारदात को अंजाम
घटना 23 फरवरी की आधी रात की है। उस वक्त तिलासो नाग घर में अकेली थी, क्योंकि उसका दामाद कलेश्वर नाग अपनी पत्नी के प्रसव के लिए अंबिकापुर गया हुआ था। अगले दिन जब वह घर लौटा, तो दरवाजा बाहर से बंद मिला। अंदर जाने पर उसकी सास का खून से लथपथ शव मिला, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
अंधविश्वास बना मौत की वजह
जांच में सामने आया कि आरोपी रूपदेव नाग के दो बच्चों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो चुकी थी, और तीसरे बच्चे की आंखों की रोशनी जा रही थी। इस पर उसे शक था कि तिलासो नाग ने जादू-टोना कर उसके परिवार पर कोई अनिष्ट कर दिया।
पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा
शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता जरूरी
यह घटना अंधविश्वास और कुरीतियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश देती है। जादू-टोना के संदेह मात्र पर एक निर्दोष महिला की जान ले लेना समाज की एक बड़ी समस्या को उजागर करता है। जरूरत है कि हम विज्ञान और जागरूकता को अपनाएं और इस तरह की कुप्रथाओं का अंत करें।