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जनता से 'मधुर व्यवहार' नहीं तो खैर नहीं! कलेक्टर अंशुल गुप्ता का अधिकारियों को सख्त फरमान

2025-09-29  Reporter vidisha Raghvendra Dangi  849 views

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विदिशा: जिले के अधिकारी और कर्मचारी अब सिर्फ अपने काम से नहीं, बल्कि संवेदनायुक्त व्यवहार से जाने जाएंगे। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने सोमवार को लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक में सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि कर्मचारियों को कार्यालयों में आने वाले आवेदकों और हितग्राहियों के साथ मधुर व्यवहार अपनाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता के प्रति संवेदनाओं में चूक या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था पर विशेष फोकस

कलेक्टर गुप्ता ने विशेष रूप से जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को सचेत किया। उन्होंने कहा कि मरीजों के प्रति व्यवहार में थोड़ी-सी भी चूक कानून व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, चिकित्सकों के साथ-साथ पूरे स्वास्थ्य अमले को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके व्यवहार से कहीं भी कानून व्यवस्था में व्यवधान न आए। यही सीख उन्होंने खंड स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों को भी दी।

CM हेल्पलाइन: 100 दिन से ज़्यादा लंबित आवेदन पर 'लाल निशान' 🚩

कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन समेत अन्य माध्यमों से प्राप्त लंबित आवेदनों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की कि सौ दिन से अधिक पुराने आवेदन अब भी क्यों लंबित हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारी कार्यप्रणाली की खराब प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

 * सख्त निर्देश: सभी विभाग सीएम हेल्पलाइन और समाधान ऑनलाइन के मामलों पर विशेष ध्यान दें।

 * प्रक्रिया में सुधार: जिन आवेदनों का निराकरण ज़िला स्तर पर संभव नहीं है, उनमें स्पष्ट कारणों का उल्लेख करते हुए विभाग प्रमुख को भेजा जाए और लगातार फॉलोअप लिया जाए। यह प्रक्रिया खराब प्रगति को समाप्त करने के लिए अनिवार्य है।

'धरती आबा अभियान' की धीमी गति से कलेक्टर असंतुष्ट

कलेक्टर गुप्ता ने धरती आबा अभियान के तहत आयोजित शिविरों की उपलब्धियों पर असंतुष्टि जाहिर की। उन्होंने साफ़ किया कि जब तक संबंधित ग्राम के शत प्रतिशत समस्याओं का निराकरण और योजनाओं का हितलाभ वितरण नहीं हो जाता, तब तक ज़िले में इन शिविरों का आयोजन जारी रहेगा।

उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि ग्रामवार सूची तैयार है, जिसमें स्पष्ट है कि किस ग्राम में किस योजना से किसे लाभांवित किया जाना है, इसके बावजूद प्रगति में वृद्धि नहीं हो रही है। आगामी शिविरों की जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की जाएगी और शिविर समाप्त होने के बाद नोडल अधिकारी को उपस्थिति, विभागवार निराकरण और हितलाभ वितरण की तुरंत रिपोर्ट देनी होगी।

किसानों के हित में बड़े निर्देश: सिंचाई और खाद-बीज पर कार्रवाई

माइक्रो ऐरिगेशन पर ज़ोर

कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को हर खेत में सिंचाई के प्रबंधों की जानकारी संकलित करने का निर्देश दिया। इसमें ट्यूबवेल, तालाब, नहर या अन्य संसाधनों से हो रही सिंचाई की खेतवार जानकारी अंकित की जाएगी। उन्होंने माइक्रो ऐरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई) पर विशेष बल देते हुए कहा कि सिंचाई के लिए पानी की हर एक बूंद का सदुपयोग होना चाहिए। ज़िले की भौगोलिक संरचना को ध्यान में रखते हुए नवाचार पर आधारित एक पेज का नोट तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

अमानक खाद-बीज विक्रेताओं पर निलंबन

लंबित आवेदनों की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर ने अमानक स्तर की खाद और औषधि बेचने वाली दुकानों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक को निर्देशित किया गया है कि ऐसी दुकानों के लाइसेंस तत्काल निलंबित किए जाएं और इसकी जानकारी संबंधित विक्रय दुकान में फ्लेक्स के माध्यम से प्रदर्शित की जाए ताकि किसानों को पता चल सके।

आवास, राशन और पेयजल आपूर्ति की तैयारी

 * राशन वितरण की जांच: जिन स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रावासों ने अनाज का उठाव नहीं किया है, उन माह में बच्चों को भोजन कैसे परोसा गया, इसकी जांच करने के लिए संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मोहिनी शर्मा को अधिकृत किया गया है।

 * धान पंजीयन: कृषि उपज मंडियों में भी धान पंजीयन की सुविधा बहाल करने पर बल दिया गया। पंजीयन कराने वालों की गिरदावरी से मिलान कर परीक्षण के कार्य समानांतर रूप से किए जाएंगे, ताकि त्रुटियां न हों।

 * आवास और राजस्व: जनसुनवाई में आने वाले राहत और सीमांकन संबंधी राजस्व मामलों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। आवास से संबंधित आवेदकों को ज़िला मुख्यालय तक आने से बचाने के लिए, आवास स्वीकृति की पूरी सूची अवलोकन हेतु चस्पा कराई जाएगी। ज़िले में बन रहे लगभग ढाई लाख आवासों में पानी, बिजली और पहुँच मार्ग के लिए सड़कों की साप्ताहिक रिपोर्ट मांगी गई है।

 * पेयजल की कार्ययोजना: कलेक्टर ने निकाय क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल आपूर्ति में व्यवधान न हो, इसके लिए अभी से कार्ययोजना तय कर उस पर अमल शुरू करने को कहा है, ताकि टैंकरों से पानी पहुँचाने की नौबत न आए।

कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में हुई इस समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर और ज़िला पंचायत सीईओ ओपी सनोड़िया समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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