नीमच …… डिजिटल अरेस्ट के जरिये हर आम और खास के साथ ठगी की वारदातें तो आम हैं लेकिन एक न्यायाधीश को ही ब्लैकमेल करके एक करोड़ की मांग करने हिम्मत को क्या कहिएगा?
वारदात राजस्थान में पदस्थ एक जज के साथ 2020 में घटी। नीमच जिले के डीकेन कस्बे की युवती ने पहले न्यायाधीश से फेसबुक पर फर्जी नाम आईडी के जरिये दोस्ती की। फिर राजस्थान मिलने पहुंच गई और स्टाफ से मोबाइल नंबर लेकर चेटिंग का सिलसिला शुरू कर दिया। बताते हैं जज ने जब बातचीत करने से रोकना चाहा तो महिला ने पहले धमकियां देना शुरू की और बाद में ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी की हिम्मत देखिए कि पैसे ऐंठने जयपुर तक पहुंच गई, बात नहीं बनी तो बाद में जज को नीमच बुलवाया। ब्लैकमेलिंग के इस गोरखधंधे में युवती ने दो और लोगों को अपने साथ शामिल किया। लेकिन नीमच में न्यायाधीश ने सीधे पुलिस थाने का रुख किया और सबूतों के साथ महिला और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। चालान पेश होने के बाद नीमच न्यायालय में करीब चार वर्ष तक मामला चला और न्यायाधीश ने आरोपी महिला और उसके एक साथी को 7-7 साल का कारावास और 8 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। महिला और उसके साथी को जेल भेज दिया गया जबकि एक आरोपी फरार है।
जिला न्यायालय नीमच, लोक अभियोजक राजेन्द्र पोरवाल नेम प्लेट, वकील फाइल देखते हुए, थाना केंट