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'जहर' की फैक्ट्री का पर्दाफाश: सोयाबीन तेल और केमिकल से बन रहा था 'देसी घी', दो भाई गिरफ्तार

2026-02-02  Baby jain  291 views

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मंदसौर। क्या आप भी बाजार से सस्ता घी खरीदकर अपनी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं? मंदसौर पुलिस और प्रशासन ने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। सीतामऊ फाटक क्षेत्र में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पुलिस ने छापा मारकर एक फर्जी घी फैक्ट्री को सील किया है, जहाँ सोयाबीन तेल और खतरनाक केमिकल्स के कॉकटेल से 'शुद्ध देसी घी' तैयार किया जा रहा था।

रात के अंधेरे में 'सफेद जहर' का खेल

शहर की सिटी कोतवाली और नई आबादी थाना पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि सीतामऊ फाटक के पास एक किराए के मकान में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना मिलते ही प्रशासन के आला अधिकारी एक्शन मोड में आए। एसडीएम शिवलाल शाक्य और सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर के नेतृत्व में जब पुलिस और फूड सेफ्टी टीम ने मौके पर दबिश दी, तो नजारा चौंकाने वाला था।

वहां बड़े-बड़े बर्तनों में सोयाबीन तेल और डालडा को उबालकर उसमें आर्टिफिशियल खुशबू (फ्रेगरेंस) और घातक केमिकल मिलाए जा रहे थे। मौके पर मौजूद टीम ने करीब 150 लीटर नकली घी और भारी मात्रा में मिलावटी सामान जब्त किया है।

अहमदाबाद के 'शातिर भाई' चढ़ाए पुलिस के हत्थे

इस काले कारोबार के पीछे गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले दो सगे भाई, गोपाल और संजय (पिता अशोक बागरी) निकले। ये दोनों पिछले 3 महीनों से मंदसौर में किराए का मकान लेकर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

मात्र 200 रुपये में मौत का सामान

पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये आरोपी ग्रामीण इलाकों को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाते थे। असली घी के नाम पर ये लोग मात्र 200 रुपये प्रति किलो में यह नकली घी बेचते थे। सस्ते के लालच में मासूम ग्रामीण इसे खरीद रहे थे, अनजाने में वे अपने परिवार को धीमा जहर परोस रहे थे।

> SDM शिवलाल शाक्य का बयान: > “हमें सूचना मिली थी कि यहाँ अवैध रूप से घी बनाया जा रहा है। जांच में पाया गया कि सोयाबीन तेल में केमिकल मिलाकर उसे घी का रूप दिया जा रहा था। सैंपलिंग की कार्रवाई जारी है।”

कानूनी शिकंजा और सैंपलिंग

सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने बताया कि आरोपियों के पास से मिले केमिकल की जांच की जा रही है। फूड सेफ्टी विभाग ने घी के नमूने लेकर लैब भेज दिए हैं। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके तार और कहां-कहां जुड़े हैं।

निष्कर्ष: सावधान रहें, सतर्क रहें

यह कार्रवाई उन मिलावटखोरों के लिए एक कड़ा संदेश है जो चंद रुपयों के लिए लोगों की जान दांव पर लगाते हैं। त्योहारों के इस दौर में सतर्क रहें और केवल विश्वसनीय स्थानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें।


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