जबलपुर/सांची: मध्य प्रदेश के जबलपुर में जैन समाज के युवाओं पर हाल ही में हुए पुलिसिया लाठीचार्ज ने अब तूल पकड़ लिया है। अहिंसा और शांति के मार्ग पर चलने वाले समाज के युवाओं पर बल प्रयोग की इस घटना से पूरे प्रदेश में गुस्से की लहर है। इस मामले में अब राजनीति और सामाजिक संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है।
प्रशासन की बर्बरता पर उठे सवाल
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को समाज की भावनाओं पर गहरी चोट बताया जा रहा है। शिवसेना के रायसेन जिला अध्यक्ष सूरजमल जैन ‘मोनू भैया’ ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जो समाज किसी सूक्ष्म जीव को भी कष्ट देना पाप समझता है, उसके युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
मुख्यमंत्री से निलंबन की मांग
घटना की कड़ी निंदा करते हुए मोनू भैया ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा है कि:
* दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
* इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित हो।
* जैन समाज के युवाओं पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे और आरोप तुरंत वापस लिए जाएं।
“कार्रवाई नहीं तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन”
शिवसेना सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शासन-प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है। संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह विरोध केवल जबलपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
भविष्य के लिए नजीर बने सजा
सामाजिक नेताओं का मानना है कि पुलिस प्रशासन की यह "प्रशासनिक बर्बरता" किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है। भविष्य में किसी भी शांतिप्रिय समाज के साथ ऐसी घटना न दोहराई जाए, इसके लिए कड़े फैसले लेना अनिवार्य है।
इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर भी जैन समाज के समर्थन में कैंपेन शुरू हो गए हैं, जिससे सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।