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हैदरगढ़ के पिपरिया जागीर में शिक्षा के मंदिर में गुंडागर्दी: शासकीय स्कूल में घुसकर शिक्षकों को पीटा, सरकारी दस्तावेज फाड़े

2026-01-23  Reporter vidisha Raghvendra Dangi  594 views

ImgResizer_1769130887203विदिशा/ग्यारसपुर: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां स्कूल परिसर के भीतर घुसकर शिक्षकों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। संकुल केंद्र हैदरगढ़ के अंतर्गत आने वाली शासकीय प्राथमिक शाला धोखेड़ा पिपरिया में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक दबंग ने न केवल शिक्षकों पर हाथ उठाया, बल्कि सरकारी दस्तावेजों को भी फाड़ दिया।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 11 बजे जब स्कूल में पढ़ाई चल रही थी, तभी कपिल जोशी नाम का व्यक्ति अचानक स्कूल परिसर में दाखिल हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपी ने बिना किसी उकसावे के वहां मौजूद शिक्षक प्रदीप त्रिवेदी और बाबूलाल अहिरवार के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने आपा खो दिया और दोनों शिक्षकों के साथ जमकर मारपीट की। इस अचानक हुए हमले से स्कूल में मौजूद मासूम बच्चे सहम गए और पूरे विद्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सरकारी दस्तावेजों को किया तार-तार

आरोपी की दबंगई यहीं नहीं रुकी। मारपीट के दौरान उसने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए BLO (Booth Level Officer) से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी फाड़ दिए। सरकारी रिकॉर्ड को नुकसान पहुँचाना और ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों पर हमला करना कानून व्यवस्था के लिए एक खुली चुनौती माना जा रहा है। इस घटना ने शिक्षा के मंदिर की गरिमा को पूरी तरह से ठेस पहुंचाई है।

पुलिस की कार्रवाई और FIR दर्ज

घटना की सूचना मिलते ही हैदरगढ़ थाना पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी रोहित सिंह कौरव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित शिक्षकों का मेडिकल परीक्षण कराया है।

शिक्षक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी कपिल जोशी के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। शिक्षक संगठनों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि स्कूलों में सुरक्षित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित किया जाए। जब देश का भविष्य गढ़ने वाले शिक्षक ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो शिक्षा व्यवस्था पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह एक विचारणीय प्रश्न है।


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