
विदिशा (ग्यारसपुर): मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का ग्यारसपुर शनिवार को केसरिया रंग में रंगा नजर आया। सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में तहसील मैदान पर आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन ने न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक एकता की एक नई मिसाल पेश की। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और संतों के ओजस्वी वचनों से पूरा ग्यारसपुर 'जय श्री राम' के उद्घोष से गूंज उठा।
कलश यात्रा में दिखा उत्साह: पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
सम्मेलन का आगाज छापर मोहल्ला से निकाली गई एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सिर पर कलश रखे सैकड़ों माताएं-बहनें जब भजन-कीर्तन करते हुए सड़कों पर निकलीं, तो दृश्य अलौकिक हो गया। नगर के नागरिकों ने जगह-जगह कलश यात्रा पर पुष्पवर्षा की और श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया। यह यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल तहसील मैदान पहुंची, जहां विधि-विधान से कलश पूजन और भारत माता की महाआरती की गई।
संतों की हुंकार: “बंटोगे तो कटोगे, संगठित रहना ही शक्ति है”
मंच पर विराजमान संत-महात्माओं का स्वागत शाल और श्रीफल भेंट कर किया गया। सम्मेलन में मृगन्नाथ धाम के ब्रह्मचारी महाराज ने अपने संबोधन में समाज को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, "आज समाज को जागरूक होने की सबसे अधिक आवश्यकता है। याद रखना, बंटोगे तो कटोगे। हमारी शक्ति हमारी एकजुटता में है।" उन्होंने गौ संरक्षण को केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व बताया।
वही, मूडरी धाम के परशुराम दास जी महाराज ने सनातन संस्कृति की नींव को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक हिंदू परिवार से अपील की कि वे अपने घरों में श्रीरामचरितमानस और श्रीमद्भगवद्गीता का नियमित पाठ करें। महाराज ने कहा कि गौ माता की रक्षा और राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है जब हम अपनी जड़ों से जुड़ेंगे।
RSS के 100 वर्ष: पंच-परिवर्तन का संदेश
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला कार्यवाह गुलाब सिंह कुशवाहा ने संघ के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण होने पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मंडल स्तर पर चल रहे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य समाज में समरसता लाना और 'पंच-परिवर्तन' (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य) के संकल्प को हर घर तक पहुंचाना है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और महाप्रसाद
सम्मेलन के दौरान नन्हे बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने राष्ट्रभक्ति और धर्म का अद्भुत संगम पेश किया। कार्यक्रम में घटेरा गुरु गादी धाम के महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज, नूरपुर के महंत बालकदास जी महाराज, मानसरोवर धाम के कल्याण दास जी महाराज और खंदा धाम के बंसी दास महाराज सहित अंचल के कई गणमान्य संत उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन एक विशाल भंडारे के साथ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति ने सफल कार्यक्रम के लिए समस्त धर्मप्रेमियों का आभार व्यक्त किया।