
विदिशा, मध्य प्रदेश: अंकित कुशवाहा गुलाबगंज पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई का लोहा मनवाया है. एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका के लापता होने की सूचना मिलने के मात्र 24 घंटे के भीतर उसे सकुशल ढूंढ निकाला गया और उसके माता-पिता को सौंप दिया गया. पुलिस की इस फुर्तीली कार्रवाई से जहां परिजनों ने राहत की सांस ली, वहीं इलाके में पुलिस की जमकर तारीफ हो रही है.
24 घंटे का हाई-वोल्टेज ड्रामा: ऐसे शुरू हुई तलाश
घटना 2 सितंबर 2025 की है. गुलाबगंज थाने में एक फरियादी ने अपनी 16 साल की बेटी के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज कराई. शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. फौरन अपराध क्रमांक 139/25, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई. मामला नाबालिग से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने इसे बेहद गंभीरता से लिया.
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पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के सख्त निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में जिले में लापता बच्चों की तलाश के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत, थाना प्रभारी निरीक्षक मोहर सिंह मंडेलिया ने तुरंत एक टीम का गठन किया.
भोपाल से दस्तयाब हुई बालिका, पुलिस टीम की सराहना
गठित टीम ने बिना देर किए अपनी कार्रवाई शुरू कर दी. सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया, दोस्तों और रिश्तेदारों से सघन पूछताछ की गई, और लगातार प्रयास जारी रखे गए. आखिरकार, पुलिस टीम की मेहनत रंग लाई और बालिका को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सकुशल दस्तयाब कर लिया गया.
बालिका को मिलने के बाद उसके माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. पुलिस टीम ने बालिका को सुरक्षित तरीके से उसके परिजनों को सौंप दिया. इस सफल ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक मोहर सिंह मंडेलिया के साथ, सहायक उप-निरीक्षक प्रहलाद सिंह रघुवंशी, प्रधान आरक्षक योगेन्द्र शर्मा, आरक्षक संजय यादव और आरक्षक आशीष कुमार ने अहम भूमिका निभाई. उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते ही बालिका को इतनी जल्दी सुरक्षित ढूंढ निकाला गया.
विदिशा पुलिस की बड़ी उपलब्धि: 268 से अधिक बच्चों को मिलाया
विदिशा पुलिस के लिए यह कोई पहली ऐसी सफलता नहीं है. वर्ष 2025 में अब तक पुलिस ने 268 से अधिक गुमशुदा/अपहृत बालक-बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर उनके परिवारों से मिलाया है. यह आंकड़ा विदिशा पुलिस के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है, जो बच्चों की सुरक्षा और उनके परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है.