गंजबासौदा (विदिशा): मध्य प्रदेश के गंजबासौदा के चर्चित गौरव रघुवंशी हत्याकांड में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। पुलिस की ठोस विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने 5 दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) और अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
क्या था पूरा मामला?
यह सनसनीखेज वारदात 14 अप्रैल 2023 की है। वार्ड क्रमांक-05, गीता टॉकीज के पीछे रहने वाले गौरव रघुवंशी रात करीब 8:30 बजे बाजार से बाइक पर घर लौट रहे थे। तभी गली में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उनका रास्ता रोका और विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते हमलावरों ने सामूहिक रूप से घेरकर गौरव पर धारदार चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
गंभीर हालत में गौरव को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने तत्काल धारा 147, 148, 149, 302 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस की 'सुपरफास्ट' और 'स्मार्ट' जांच
एसपी रोहित काशवानी के नेतृत्व में थाना गंजबासौदा शहर पुलिस ने इस केस को चुनौती के रूप में लिया। पुलिस ने केस को मजबूत बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए:
* वैज्ञानिक साक्ष्य: घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर FSL रिपोर्ट और भौतिक साक्ष्य जुटाए।
* त्वरित गिरफ्तारी: आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा और उनके पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किए।
* मजबूत चार्जशीट: प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जोड़कर अदालत में एक अचूक केस पेश किया।
इन 5 दोषियों को मिली उम्रकैद
द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गंजबासौदा ने 27 दिसंबर 2025 को सुनाए फैसले में इन आरोपियों को दोषी करार दिया:
* शीनू उर्फ शरद शर्मा (21 वर्ष)
* सौरभ रघुवंशी (28 वर्ष)
* विशाल गोंड (21 वर्ष)
* चंद्रप्रकाश उर्फ चंदू रैकवार (22 वर्ष)
* एक विधि विवादित बालक (सह-आरोपी)
अपराधियों को कड़ा संदेश
विदिशा पुलिस का कहना है कि यह फैसला उन लोगों के लिए सबक है जो कानून को हाथ में लेते हैं। पुलिस की निष्पक्ष और तकनीकी रूप से मजबूत जांच की वजह से ही पीड़ितों को न्याय मिला है। जघन्य अपराधों के खिलाफ पुलिस का अभियान और सख्त किया जाएगा।