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गंज बासौदा में बड़ी कार्रवाई: अवैध उर्वरक बेचने पर FIR, लाखों का माल जब्त

2025-09-05  Editor Shubham Jain  428 views

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विदिशा, गंज बासौदा: किसानों को ठगने वाले अवैध कारोबारियों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। मध्य प्रदेश के गंज बासौदा में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है, जहां बिना लाइसेंस के अवैध रूप से उर्वरक (खाद) और कीटनाशक बेचने वाले एक व्यापारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में खाद और दवाइयां भी जब्त की गईं, जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई है।

क्या था पूरा मामला?

गंज बासौदा में उर्वरक निरीक्षक रूपेश बघेल को शिकायत मिली थी कि नाना वाली गली में रहने वाले संदीप रायपुरिया अवैध तरीके से खाद और कृषि दवाइयों का कारोबार कर रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए, 18 अगस्त को निरीक्षक ने एक टीम के साथ मौके पर छापा मारा।

छापेमारी में टीम को मनोज रघुवंशी के मकान में भारी मात्रा में अवैध रूप से रखी गई खाद और दवाइयां मिलीं। मौके पर ही पंचनामा तैयार कर इस अवैध भंडार को जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए माल को बासौदा के शासकीय डबल लॉक केंद्र के गोदाम में सुरक्षित रखा गया है।

लाइसेंस मांगा, तो खाली हाथ मिला

जब टीम ने आरोपी संदीप रायपुरिया से इस कारोबार का लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे, तो वह कुछ भी नहीं दिखा पाए। उनके पास किसी भी तरह के दस्तावेज नहीं थे, जिससे साफ हो गया कि यह कारोबार पूरी तरह से अवैध है।

मौके से जो खाद और दवाइयां जब्त की गईं, उनमें 1.02 टन (1020 किलो) प्रोम नामक उर्वरक, 40 किलो ग्रीन मास्टर, 45 किलो क्रॉप ऊर्जा और 8 किलो क्रॉप कवच शामिल थे। इस पूरे भंडार को जब्त करने के बाद मकान को सील कर दिया गया।

कानूनी कार्रवाई: FIR दर्ज

जांच में यह पाया गया कि संदीप रायपुरिया का यह अवैध कारोबार आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 37 और उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 7 और 8 का सीधा उल्लंघन है। ये कानून यह सुनिश्चित करते हैं कि किसानों को सही और मानक गुणवत्ता वाली कृषि सामग्री मिले।

जांच के बाद, यह भी सामने आया कि जब्त किए गए उर्वरक उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित ग्रीन ग्रोथ एग्रो टैक्स नामक कंपनी के हैं और संदीप रायपुरिया उनके अधिकृत विक्रेता नहीं थे। इन सभी सबूतों के आधार पर, 5 सितंबर, 2025 को गंज बासौदा के देहात थाने में संदीप रायपुरिया के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

कृषि विभाग की सख्त चेतावनी

इस कार्रवाई के बाद उप संचालक कृषि के.एस. खपेडिया ने जिले के सभी उर्वरक और कीटनाशक विक्रेताओं को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने अपील की है कि सभी व्यापारी उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 और कीटनाशक अधिनियम 1968 में दिए गए नियमों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि कोई भी नियम का उल्लंघन करते पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह कार्रवाई उन सभी अवैध कारोबारियों के लिए एक चेतावनी है, जो बिना लाइसेंस के किसानों को घटिया या मिलावटी उत्पाद बेचकर उनकी मेहनत की कमाई लूटते हैं।


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