
वसीम कुरेशी साँची, मध्य प्रदेश: साँची शहर के रुके हुए विकास कार्यों को आखिरकार नई गति मिल गई है। पिछले चार महीनों से खाली पड़े उपयंत्री (Sub-Engineer) के पद पर हुई नई नियुक्ति ने नगर परिषद को राहत दी है। इस पद के खाली होने से कई विकास कार्य ठप पड़े थे, जिससे शहर के लोग परेशान थे। अब एक अनुभवी उपयंत्री के आने से उम्मीद जगी है कि शहर की तस्वीर बदलेगी और लंबित परियोजनाएं जल्द ही पूरी होंगी।
लंबा था इंतजार, पर रंग लाई मेहनत
पूर्व उपयंत्री की सेवानिवृत्ति के बाद से ही साँची नगर परिषद में यह पद खाली था। इस दौरान, नगर परिषद के अध्यक्ष पप्पू रेवाराम और सभी पार्षदों ने मिलकर नगरीय निकाय विभाग से बार-बार गुहार लगाई थी। उन्होंने कई बार आवेदन दिए और अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द से जल्द उपयंत्री की नियुक्ति की मांग की। आखिरकार, उनके लगातार प्रयासों का फल मिला।
सोमवार को बाड़ी नगर परिषद में कार्यरत उपयंत्री राजेंद्र सिंह स्वर्णकार को अस्थायी तौर पर साँची में पदस्थ किया गया है। वे अब हर सप्ताह दो दिन साँची नगर परिषद में अपनी सेवाएं देंगे।
पद संभालते ही एक्शन में उपयंत्री, किया कार्यों का निरीक्षण
नियुक्ति के पहले ही दिन उपयंत्री राजेंद्र सिंह स्वर्णकार ने अपनी कार्यशैली का परिचय दिया। उन्होंने अध्यक्ष पप्पू रेवाराम के साथ मिलकर नगर के वार्ड क्रमांक 6 और 13 में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने चल रहे कार्यों की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की और ठेकेदारों को जरूरी निर्देश भी दिए। इस दौरान, उन्होंने सभी स्वीकृत और प्रगति पर चल रहे कार्यों की समीक्षा भी की।
उनका यह तत्परता भरा कदम बताता है कि वे साँची के विकास को लेकर गंभीर हैं और जल्द से जल्द सभी कार्यों को पटरी पर लाना चाहते हैं।
गीता भवन का निर्माण और अन्य लंबित कार्य
निरीक्षण के दौरान, अध्यक्ष पप्पू रेवाराम ने बताया कि वार्ड क्रमांक 13 में एक महत्वपूर्ण परियोजना, गीता भवन का निर्माण, किया जाना है। उपयंत्री राजेंद्र सिंह ने इस स्थल का भी निरीक्षण किया और परियोजना को जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पप्पू रेवाराम ने विश्वास जताया कि राजेंद्र सिंह के आने से नगर परिषद के सभी लंबित विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा, “अब हम सभी रुके हुए कार्यों को पूरा कर पाएंगे और नगर की समस्याओं का समाधान भी तेजी से कर सकेंगे।”
क्या बदलेगी साँची की सूरत?
साँची, जो अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए जानी जाती है, को एक मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व की जरूरत है। उपयंत्री की नियुक्ति से अब यह संभव हो पाएगा कि पानी की निकासी, सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति मिले। एक अनुभवी व्यक्ति के मार्गदर्शन में, इन परियोजनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
यह देखना दिलचस्प होगा कि राजेंद्र सिंह स्वर्णकार के आने से साँची के विकास में कितनी तेजी आती है और शहर के लोग किस तरह इसका लाभ उठा पाते हैं।