Vidisha Bharti

collapse
...
Home / राजनीति / फिल्मी स्टाइल में दबोचा गया ‘जादूगर चोर’ दिलीप धाकड़, 5 थानों की पुलिस थी पीछे!

फिल्मी स्टाइल में दबोचा गया ‘जादूगर चोर’ दिलीप धाकड़, 5 थानों की पुलिस थी पीछे!

2025-06-10  Editor Shubham Jain  1,197 views

ImgResizer_20250610_1409_48746
श्योपुर, मध्यप्रदेश।

कभी फिल्मी कहानियों में ही देखा होगा कि कैसे शातिर अपराधी पुलिस को लगातार चकमा देते हुए गायब हो जाते हैं और फिर एक दिन धुआंधार एक्शन में पुलिस उन्हें धर-दबोचती है। कुछ ऐसा ही हुआ है मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में, जहां पुलिस ने 10 हज़ार रुपए के इनामी, ‘जादूगर चोर’ के नाम से कुख्यात दिलीप उर्फ दिल्लू धाकड़ को फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार कर लिया।

एसपी बीरेंद्र जैन के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अगरा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी को बबनवास गांव से घेराबंदी कर पकड़ा गया। इसके पीछे एक महीनों लंबी रणनीति और सतर्क निगरानी छिपी थी, जिसकी कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं लगती।

कौन है ‘जादूगर चोर’?

दिलीप उर्फ दिल्लू पुत्र नरेश धाकड़, ग्राम बबनवास निवासी, कोई मामूली चोर नहीं बल्कि पुलिस रिकॉर्ड में एक सीरियल क्रिमिनल है। उस पर डकैती, अवैध हथियार रखना, शराब तस्करी, चोरी, मारपीट जैसे कई संगीन अपराध दर्ज हैं। इतना ही नहीं, इसके खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट भी जारी था।

पुलिस इसे ‘जादूगर चोर’ इसलिए कहती है क्योंकि ये मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करता था। खुद का नंबर कभी इस्तेमाल नहीं करता, जिससे पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाती थी। दूसरों के मोबाइल से कॉल कर अपने गिरोह से संपर्क करता था, जिससे लंबे समय तक पुलिस को गच्चा देता रहा।

5 थानों की पुलिस को लगानी पड़ी ताक़त

श्योपुर जिले के वीरपुर, गसवानी और अगरा थाना तथा शिवपुरी जिले के बैराड़ और गोपालपुर थाना पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। एक के बाद एक वारदातों के बाद भी आरोपी फरार बना रहा।

इसका नाम सामने तब आया जब 1 मार्च 2025 को अगरा थाना क्षेत्र के उमरी कलां गांव से एक ट्रैक्टर और कटर मशीन चोरी हुई। इस वारदात में चार आरोपी शामिल थे, जिनमें से तीन पहले ही पकड़े जा चुके थे। लेकिन दिलीप लगातार फरार चल रहा था।

फिल्मी स्टाइल में हुई गिरफ्तारी

अगरा थाना प्रभारी उप निरीक्षक सुमेर सिंह धाकड़ ने टीम के साथ मिलकर एक गुप्त रणनीति बनाई। बबनवास गांव में चुपचाप निगरानी रखी गई, ताकि आरोपी की हर गतिविधि पर नज़र रखी जा सके।

जब पुलिस को पक्की सूचना मिली कि दिलीप गांव में मौजूद है, तो बिना वर्दी और शोरगुल के टीम ने घेराबंदी की और तेज़ कार्रवाई कर दिलीप को रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर किसी को भनक तक नहीं लगी।

क्या मिला ‘जादूगर चोर’ के पास से?

गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से जो सामग्री मिली, वह उसकी अपराधी प्रवृत्ति की पोल खोलती है। पुलिस ने उसके पास से:

11 लीटर जहरीली देशी शराब

चोरी की गई कटर मशीन का लोहे का जैक

ग्राइंडर मशीन

दो मोटरसाइकिलें

 

बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹1.40 लाख रुपए आंकी गई है।

अदालत ने भेजा जेल, नेटवर्क की जांच जारी

गिरफ्तार किए जाने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस दिलीप के अपराध नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

पुलिस को संदेह है कि वह अंतरजिला चोरी और तस्करी गिरोह का सक्रिय सदस्य है और उसके तार राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ सीमावर्ती जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं।

 अपराधियों के लिए सबक, पुलिस के लिए जीत

दिलीप उर्फ दिल्लू की गिरफ्तारी सिर्फ एक शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे भेजने भर की कहानी नहीं है – यह पुलिस की सजगता, तकनीकी चतुराई और कानून के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।

यह मामला दिखाता है कि अगर इरादा मजबूत हो और कार्रवाई योजनाबद्ध, तो कोई भी अपराधी ज्यादा दिन कानून से नहीं बच सकता।


Share:

ब्लैक टाइगर