
भोपाल, मध्यप्रदेश: मानसून के इस बदलते मिजाज ने पूरे प्रदेश को असमंजस में डाल रखा है। एक तरफ जहां भारी बारिश की उम्मीद की जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में चक्रवात और ट्रफ लाइन तो सक्रिय हैं, लेकिन उनका असर उतना प्रभावशाली नहीं है जितना सोचा गया था।
अगले तीन दिनों तक हल्की फुहारें
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। यह बारिश कुछ स्थानों पर देखने को मिलेगी और इसका कारण लोकल सिस्टम का सक्रिय होना है। इससे कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है, लेकिन यह व्यापक और पूरे प्रदेश को कवर करने वाली बारिश नहीं होगी। यह उन किसानों के लिए राहत भरी खबर है जो अपनी फसलों के लिए बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
सामान्य से ज़्यादा हुई बारिश, फिर भी सूखा क्यों?
मध्यप्रदेश में अब तक 43.5 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से ज़्यादा है। लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के कई हिस्से ऐसे हैं जहां अभी भी सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। इसकी मुख्य वजह है बारिश का असमान वितरण। कुछ स्थानों पर तो इतनी बारिश हुई कि बाढ़ जैसी स्थिति बन गई, वहीं दूसरे हिस्सों में बारिश की एक बूंद तक नहीं गिरी। इससे कृषि पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर उन फसलों पर जो बारिश पर निर्भर हैं।
चक्रवात-ट्रफ एक्टिव, फिर भी असर क्यों नहीं?
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवात बना हुआ है, जो ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ रहा है। इसी के चलते एक ट्रफ लाइन भी बनी हुई है जो बंगाल की खाड़ी से पूर्वी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ तक फैली हुई है। आमतौर पर ये सिस्टम भारी बारिश लाते हैं, लेकिन इस बार ये काफी कमजोर हैं, जिससे इनका असर कम हो रहा है।
आगे क्या?
फिलहाल, मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में किसी भी तेज बारिश के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार ही अपनी कृषि गतिविधियों को जारी रखें।