
आगरा के परिवार परामर्श केंद्र में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने हर किसी को चौंका दिया। दो महिलाएं यहां पहुंचीं और दोनों ने एक ही युवक को अपना पति बताया। दोनों ने उसे अपने साथ ले जाने की जिद की, जिससे मामला नाटकीय रूप लेता गया।
दो शादी, दो दावे
युवक ने 2020 में पहली महिला से लव मैरिज की थी। वह उसे अपने परिवार से अलग रखकर जीवन गुजार रहा था। दो साल बाद परिवार के दबाव में उसने 2022 में दूसरी महिला से अरेंज मैरिज कर ली। अब दोनों पत्नियां अपनी-अपनी जगह सही होने का दावा कर रही हैं।
काउंसलिंग में उठा सबूतों का सवाल
परिवार परामर्श केंद्र में दोनों महिलाओं से शादी के सबूत मांगे गए। दूसरी पत्नी (अरेंज मैरिज) ने शादी का कार्ड, फेरे की तस्वीरें और अन्य प्रमाण पेश किए। वहीं, पहली पत्नी (लव मैरिज) ने दावा किया कि उनकी शादी मंदिर में हुई थी, लेकिन सबूत सीमित थे। मामले को और गंभीर होते देख काउंसलर ने दोनों पक्षों को अगली सुनवाई पर परिवार और प्रमाणों के साथ आने का निर्देश दिया।
सवालों के घेरे में युवक
इस पूरे मामले में युवक पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या उसने पहली शादी परिवार से छिपाई थी? और अगर ऐसा था, तो दूसरी शादी करने के पीछे उसका उद्देश्य क्या था?
पहले भी सामने आए ऐसे मामले
कुछ महीने पहले मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में एक युवती ने अपने प्रेमी से शादी करने के बाद, कुछ ही समय में अपने दूसरे बॉयफ्रेंड से विवाह कर लिया था। इस मामले में दोनों पति युवती को अपने साथ रखने के लिए आपस में भिड़ गए थे।
क्या होगा अंत?
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस उलझन का अंत कैसे होता है। क्या लव मैरिज को सामाजिक मान्यता मिलेगी, या फिर अरेंज मैरिज को कानूनी आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी? युवक के इस दोहरे जीवन का फैसला परिवार परामर्श केंद्र करेगा, लेकिन यह मामला समाज में रिश्तों की जटिलता और जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करता है।