
विदिशा,: जिले में जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियों के उफान पर आने और जलभराव की गंभीर स्थिति के बीच, जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और उनके लिए राहत शिविरों में तमाम इंतजाम किए गए हैं। इन सबके बीच, कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने खुद राहत कार्यों की कमान संभाली है, यह सुनिश्चित करते हुए कि बाढ़ पीड़ितों को किसी भी बुनिबाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन का संबल: कलेक्टर ने लिया राहत शिविरों का जायजा, सुविधाओं पर जोरयादी सुविधा की कमी न हो।
सोमवार को कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने विदिशा के जतरापुरा स्थित प्रधानमंत्री आवास कॉलोनी में स्थापित राहत शिविर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में ठहरे पीड़ितों से सीधे संवाद किया, उन्हें ढांढस बंधाया और उनकी जरूरतों को समझा। पीड़ितों से बात करते हुए कलेक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन हर संभव मदद के लिए उनके साथ खड़ा है। उन्होंने विशेष रूप से राहत शिविर में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और मौके पर मौजूद एसडीएम क्षितिज शर्मा और मुख्य नगरपालिका अधिकारी दुर्गेश सिंह ठाकुर को स्पष्ट निर्देश दिए कि बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने इस दौरान कलेक्टर को शिविर में रह रहे पीड़ितों को भोजन वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि इस राहत शिविर में लगभग 80 परिवारों को ठहराया गया है और उनके रहने, खाने-पीने की सभी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर और संयुक्त कलेक्टर मोहिनी शर्मा भी कलेक्टर के साथ मौजूद रहीं, जो प्रशासन की सामूहिक भागीदारी को दर्शाती हैं।
कलेक्टर गुप्ता ने विशेष रूप से स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और बिजली की आपूर्ति पर ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सुविधाओं में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि राहत शिविरों में रहने वाले पीड़ितों को चिकित्सीय सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हों। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उचित प्रबंध करने पर भी बल दिया गया। पीड़ितों की तात्कालिक जरूरतों को समझते हुए, कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि वस्त्रों की आवश्यकता पड़ने पर उनकी पूर्ति भी की जाए।
जिला प्रशासन का यह सक्रिय रुख और कलेक्टर की व्यक्तिगत निगरानी यह सुनिश्चित कर रही है कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी नागरिक असहाय महसूस न करे। सरकार और प्रशासन की यह प्रतिबद्धता बाढ़ पीड़ितों के लिए एक बड़ा संबल है, जो उन्हें इस कठिन समय से उबरने में मदद करेगी। उम्मीद है कि इन प्रयासों से जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और सभी नागरिक सुरक्षित अपने घरों को लौट सकेंगे।