
राघवेंद्र दांगी विदिशा : क्या आप जानते हैं कि आपके आसपास अवैध शराब का कारोबार कैसे फल-फूल रहा है? लेकिन अब नहीं! विदिशा के ग्यारसपुर में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देकर अवैध शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही के कड़े निर्देश और उपनिरीक्षक सुनील चौहान की अगुवाई में टीम ने ऐसा जाल बिछाया कि 320 पाव अवैध देशी शराब जब्त हो गई, और दो कुख्यात तस्कर सलाखों के पीछे पहुँच गए।
विभाग की सक्रियता का असर: आपको बता दें कि आबकारी विभाग की इस मुस्तैदी का नतीजा है कि अब क्षेत्र में शराब की बिक्री भी नियमानुसार और प्रिंट रेट पर होने लगी है, जिससे अवैध धंधेबाजों के होश उड़ गए हैं।
कैसे हुई कार्रवाई? जानें पूरा मामला
आबकारी विभाग को एक गुप्त सूचना मिली थी, जिसने इस बड़े खुलासे की नींव रखी। खबर थी कि ग्राम नादौर का अंकित लोधी (23) अपने घर के भूसे वाले कमरे में भारी मात्रा में अवैध शराब छिपाकर रखे हुए है। बस फिर क्या था! टीम ने देर न करते हुए तुरंत छापा मारा।
छापेमारी के दौरान, आबकारी टीम ने अंकित लोधी के घर से एक बोरी में छिपाकर रखी गई 320 पाव देशी शराब बरामद की। टीम ने मौके पर ही अंकित लोधी को आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत गिरफ्तार कर लिया।
फरार आरोपी भी चढ़ा हत्थे, दोनों का लंबा क्रिमिनल रिकॉर्ड!
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। कार्रवाई के दौरान, अंकित का साथी देशराज लोधी (50), जो नादौर का ही रहने वाला है, मौके से फरार होने में कामयाब रहा। हालाँकि, आबकारी विभाग ने हार नहीं मानी और लगातार दबिश देते हुए, 17 जुलाई 2025 को देशराज लोधी को भी ग्राम नादौर से दबोच लिया।
आबकारी विभाग के रिकॉर्ड खंगालने पर जो सामने आया, वो चौंकाने वाला है। गिरफ्तार अंकित लोधी पर पहले से ही दो आपराधिक मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। वहीं, देशराज लोधी तो और भी बड़ा अपराधी निकला! उस पर न्यायालय में 12 प्रकरण लंबित हैं, और ग्यारसपुर थाने में भी उसके खिलाफ एक मामला दर्ज है।
आबकारी विभाग ने साफ कर दिया है कि उनकी यह कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध शराब के धंधे में लिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, अंकित लोधी और देशराज लोधी दोनों विदिशा जिला जेल में बंद हैं।
क्या आपके क्षेत्र में भी अवैध शराब का कारोबार जारी है? हमें कमेंट बॉक्स में बताएं!