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बैरसिया में 'लुटेरी दुल्हन' का हाई-वोल्टेज ड्रामा: शादी के चंद घंटों बाद जेवर समेटकर रफूचक्कर, पुलिस ने दबोचा

2026-03-04  Amit raikwar  66 views

ImgResizer_image (10)बैरसिया (मध्य प्रदेश): सावधान! अगर आप भी अपने बेटे की शादी के लिए बिचौलियों के चक्कर में हैं, तो यह खबर आपकी आँखें खोल देगी। बैरसिया में एक ऐसी 'लुटेरी दुल्हन' का पर्दाफाश हुआ है जिसने फिल्मी अंदाज में निकाह (शादी) रचाया, ससुराल में कदम रखा और कुछ ही घंटों में गहने लेकर फुर्र हो गई। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने इस 'लुटेरी दुल्हन' के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

शादी का झांसा और लाखों की ‘सेटिंग’

मामला बैरसिया के दशरथ नामक व्यक्ति से जुड़ा है। दशरथ अपने बेटे की शादी के लिए लड़की की तलाश में थे, तभी उनकी मुलाकात गोपाल सिंह नाम के एक शख्स से हुई। गोपाल ने उन्हें कटनी की रहने वाली एक लड़की दिखाई और शादी का पक्का भरोसा दिलाया। लेकिन इस मिलन के बदले एक बड़ी डील हुई—शादी के लिए भारी-भरकम रकम और जेवरात की मांग की गई। अपने बेटे के घर बसाने की चाहत में पिता दशरथ इस जाल में फंस गए।

जेवर पहनते ही बदला रंग, अस्पताल के बहाने फरार

शादी की रस्में पूरी हुईं। दशरथ ने अपनी बहू समझकर लड़की को कटनी से आए रिश्तेदारों (साजिशकर्ताओं) के सामने ही कीमती जेवर पहनाए। जैसे ही आरोपी साथी वहां से निकले, दुल्हन ने अपना खेल शुरू कर दिया। घर में कदम रखते ही दुल्हन ने 'पेट दर्द' का ऐसा नाटक किया कि परिवार घबरा गया। आनन-फानन में उसे बैरसिया के सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल पहुँचते ही मौका पाकर दुल्हन अपने उन साथियों के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गई, जो पहले से ही बाहर उसका इंतजार कर रहे थे। गहने और नगदी लेकर दुल्हन को रफूचक्कर होते देख दशरथ के पैरों तले जमीन खिसक गई।

पुलिस की कार्रवाई: दो युवतियां गिरफ्तार

पीड़ित परिवार की शिकायत पर बैरसिया पुलिस ने तत्काल घेराबंदी शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने 'लुटेरी दुल्हन' और उसकी एक महिला साथी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

  रोशनी जाटव (उम्र 22 साल): निवासी मेला ग्राउंड, बैरसिया (जो दुल्हन बनी थी)।

  पप्पी जाटव (उम्र 21 साल): निवासी शांतिकुंज, बैरसिया (साजिश में शामिल साथी)।

बिचौलिए पर अब तक मेहरबानी क्यों?

हैरानी की बात यह है कि जहाँ पुलिस ने लुटेरी दुल्हन और उसकी साथी को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है, वहीं इस पूरी साजिश की मुख्य कड़ी गोपाल सिंह, जिसने दशरथ को इस जाल में फंसाया था, वह अब भी पुलिस की कार्रवाई से बचा हुआ है। पीड़ित परिवार का सवाल है कि जिस शख्स ने रिश्ता तय कराया और पैसे लिए, उस पर मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया?


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