
ग्वालियर/मुरैना: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से रिश्तों को शर्मसार करने वाला और हनीट्रैप का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक रिश्ते की भाभी ने अपने ही देवर को साजिश के तहत ब्लैकमेल करने की कोशिश की। भाभी ने अपनी एक सहेली के साथ मिलकर देवर को एकांत मुलाकात के बहाने बुलाया और उसकी अश्लील वीडियो बना ली। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर देवर से 10 लाख रुपए नकद और 3 एकड़ जमीन की मांग की गई। हालांकि, ब्लैकमेलिंग का यह 'भाभी-प्लान' तब उल्टा पड़ गया, जब पीड़ित देवर ने शातिर चाल चलने के बजाय सीधा पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए भाभी और उसकी सहेली को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के तीन अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
क्या था ब्लैकमेलिंग का शातिर षड्यंत्र?
मुरैना जिले के पिपर सेवा इलाके में रहने वाले रविंद्र कुशवाहा को उनकी रिश्ते की भाभी ओमवती कुशवाहा ने ग्वालियर में मिलने के लिए बुलाया। भाभी ने रविंद्र से अपनी सहेली रुक्मणी राजपूत से दोस्ती कराने और एकांत मुलाकात का झांसा दिया था। रविंद्र जैसे ही ग्वालियर पहुंचा, भाभी ओमवती उसे अपनी सहेली रुक्मणी के साथ एक कमरे में ले गई। इस दौरान, कमरे में पहले से ही गुप्त कैमरा लगाया गया था।
जैसे ही रविंद्र और रुक्मणी कमरे में थे, भाभी ओमवती कुशवाहा अपने तीन अन्य साथियों (कुशाल परमार, आदित्य भदोरिया और अंकित वर्मा) के साथ अचानक कमरे में घुस आई। उन्होंने रविंद्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे धमकाना शुरू कर दिया। ब्लैकमेलर्स के इस गिरोह ने रविंद्र की अश्लील वीडियो और फोटो बनाने की बात कबूल करते हुए उसे वीडियो डिलीट करने के एवज में 10 लाख रुपए नकद और 3 एकड़ जमीन अपने नाम करने की मांग कर डाली।
देवर की सूझबूझ से उलटी पड़ी चाल
हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के इस गंभीर जाल में फंसे रविंद्र कुशवाहा ने घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लिया। उसने ब्लैकमेलर्स को भरोसा दिलाया कि वह अगले दिन उन्हें 10 लाख रुपए दे देगा और जमीन भी उनके नाम कर देगा। जैसे ही रविंद्र उनके चंगुल से छूटा, वह सीधे गोले के मंदिर पुलिस थाने पहुंचा और अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी। सीएसपी रॉबिन जैन के निर्देश पर तत्काल एक्शन लिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी भाभी ओमवती कुशवाहा और उसकी सहेली रुक्मणी राजपूत के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और सेक्सटोर्शन की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह में शामिल अन्य तीन पुरुष आरोपियों (कुशाल परमार, आदित्य भदोरिया, अंकित वर्मा) की तलाश में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि ब्लैकमेलिंग के दौरान आरोपियों ने रविंद्र से मारपीट कर 8,000 रुपये नकद भी छीन लिए थे।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया और निजी मुलाकातों के इस दौर में सतर्कता कितनी जरूरी है। लालच और निजी संबंधों का सहारा लेकर ब्लैकमेल करने वाले ऐसे गिरोह समाज के लिए एक बड़ी चुनौती हैं, जिन पर पुलिस की सख्त कार्रवाई ज़रूरी है।