
बैरसिया (भोपाल): अपनी लंबित 11 सूत्रीय मांगों को मनवाने के लिए भारतीय किसान संघ (BKS) ने मंगलवार को एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। संगठन ने तहसील प्रांगण के पास धरना प्रदर्शन करने के बाद, अपनी मांगों को लेकर भारी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ राजधानी भोपाल की ओर कूच किया।
किसानों के इस आक्रोश मार्च को बैरसिया स्थित गुरुकुल कॉलेज के पास स्थानीय पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा और पुलिस बल ने किसानों को आगे जाने से रोका और उनकी समस्याओं को सुना।
🔥 किसानों की मुख्य 11 सूत्रीय मांगें:
किसान संघ के इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान कराना है। प्रमुख 11 मांगों में ये शामिल हैं:
* खाद की कालाबाजारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
* सहकारी संस्थाओं को किसानों की मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
* कृषि पम्पों को 10 घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति दी जाए।
* वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों का नियमों के अनुसार स्थान परिवर्तन (तबादला) किया जाए।
🤝 प्रशासनिक हस्तक्षेप और आश्वासन
किसान संघ के जिलाध्यक्ष गिरवर सिंह राजपूत के नेतृत्व में किसानों ने बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा को 11 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि तहसील स्तर की मांगों को जल्द ही पूरा किया जाएगा।
यही नहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने मौके पर ही भोपाल कलेक्टर से टेलीफोन पर बात की और जिलाध्यक्ष गिरवर सिंह राजपूत की बात कलेक्टर से करवाई। कलेक्टर ने किसान संघ को उनकी मांगों के जल्द से जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद, भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता और ट्रैक्टर-ट्रॉलियाँ वापस बैरसिया लौट गए।
किसानों का यह प्रदर्शन सरकार पर दबाव बनाने में सफल रहा और अब देखना यह होगा कि प्रशासन उनके निराकरण के लिए कितनी तेजी से कदम उठाता है।