
शुभम जैन हावड़ा , जनवरी – हावड़ा में भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (BSPS) का तीन दिवसीय 8वां राष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न हुआ। यह आयोजन राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ हसन के नेतृत्व में आयोजित किया गया। सम्मेलन के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा, उनके अधिकार और संगठन को सशक्त बनाने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पाण्डेय ने अपने संबोधन में 9 जनवरी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला और पत्रकारों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संगठन को परिवार की तरह एकजुट रखने का आह्वान किया। इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. इंदु बंसल जैन ने हरियाणा में पत्रकारों के लिए किए गए विशेष प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरियाणा में श्रमजीवी पत्रकार संघ का सदस्यता शुल्क मात्र 10 रुपये रखा गया है, जो पूरे देश में एक उदाहरण है। उन्होंने डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को सरकारी मान्यता और सुविधाएं देने की मांग भी दोहराई।

पत्रकारों की चुनौतियों पर चर्चा
मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने कहा कि पत्रकारों की अचानक मौत के बाद उनके परिवारों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पत्रकारों के खिलाफ झूठे आरोप लगाए जाने की घटनाओं पर चिंता जताई। छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष गंगेश द्विवेदी ने राज्य में पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर सरकार की लापरवाही का मुद्दा उठाया। आंध्र प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष वीर भद्रा राव ने कहा कि 1978 से पत्रकारिता में सक्रिय होने के बावजूद, वर्तमान समय में पत्रकारों की उपेक्षा बढ़ती जा रही है। उन्होंने संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने और एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
आयोजन और भविष्य की योजनाएं
BSPS के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव सैयद नसरीन, बंगाल प्रदेश अध्यक्ष शैलेश्वर पांडा और उनकी टीम ने विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों का स्वागत किया। सम्मेलन में तमिलनाडु राज्य अध्यक्ष ने आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन चेन्नई में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।
इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ कई देशों के पत्रकारों ने भाग लिया। सभी ने पत्रकारों के अधिकार, उनकी सुरक्षा और संगठन के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया। सम्मेलन का समापन संगठन को मजबूत बनाने और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने के संकल्प के साथ हुआ।