
ब्यूरो रिपोर्ट भोपाल। लूटने आया था, लेकिन खुद ही ठुक गया! सोमवार दोपहर रोहित नगर, बाबड़िया कला में अक्षांश ज्वेलर्स पर एक नकाबपोश बदमाश लूट की नीयत से घुसा, मगर कुछ ही देर में उसका हाल ऐसा हुआ कि खुद चलकर थाने जाना पड़ा।
दोपहर 1:30 बजे का वक्त था, जब ये जनाब ग्राहक बनकर दुकान में घुसे और बड़े प्यार से चैन दिखाने की फरमाइश कर डाली। लेकिन दुकान के मालिक मनोज जैन को दाल में कुछ काला लगा। उन्होंने शक के चलते उससे मास्क उतारने को कहा, मगर लुटेरे को ये सवाल पसंद नहीं आया और उसने झट से बंदूक निकाल ली!
अब तक तो लुटेरे को लग रहा था कि स्टाइल में लूटेगा और चलता बनेगा, मगर तभी कहानी पलट गई। कैश काउंटर से नोट और सोने के जेवर समेटते हुए उसने फायर भी कर दिया, मगर किस्मत ऐसी फूटी कि बंदूक ने भी उसका साथ छोड़ दिया—गोली ही नहीं चली!
बस, फिर क्या था! मनोज जी ने आव देखा न ताव, और लुटेरे को ऐसे दबोचा कि वो भागने के बजाय खुद को बचाने की कोशिश करने लगा। दुकान में मौजूद स्टाफ भी कूद पड़ा और लुटेरे की ऐसी खातिरदारी की गई कि उसकी लूटने की हसरत धरी की धरी रह गई।
लोगों ने कहा—"मारो! जाने न पाए!" और सच में लुटेरे की वो धुनाई हुई कि वो खुद ही थाने जाने के लिए तैयार हो गया। आखिरकार, घायल अवस्था में उसे शाहपुरा पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिसवालों ने जब देखा तो पूछा—"तू लूटने आया था या पहले ही पिटकर आया है?"
फिलहाल, अब पुलिस पूछताछ कर रही है, मगर इस घटना ने साबित कर दिया कि भोपाल में लूट करने आएंगे तो लुटकर ही जाएंगे!