
भोपाल। झीलों की नगरी भोपाल एक बार फिर सुर्ख़ियों में है, लेकिन इस बार वजह खूबसूरती नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर पनपता 'क्राइम कल्चर' है। राजधानी का कुख्यात बदमाश आकाश उर्फ भूरा हड्डी जेल से जमानत पर बाहर आते ही फिर से अपना नेटवर्क खड़ा करने में जुट गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार हथियारों से ज्यादा इस्तेमाल 'इंस्टाग्राम रील्स' का हो रहा है, ताकि शहर के मासूम युवाओं को अपराध की दलदल में खींचा जा सके।
'इल्लीगल गैंग': जहां रील से बनता है रसूख
राजधानी की फिजाओं में इन दिनों 'इल्लीगल गैंग' (Illegal Gang) नाम तेजी से तैर रहा है। यह कोई साधारण गैंग नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर एक्टिव एक ऐसा नेटवर्क है जो गैंगस्टर स्टाइल वीडियो के जरिए अपना दबदबा बनाता है। आकाश उर्फ भूरा हड्डी के इंस्टाग्राम पर 2600 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इन प्रोफाइल पर अपलोड किए गए वीडियो में अपराधी स्टाइल, बैकग्राउंड में खौफनाक म्यूजिक और 'सिस्टम' को चुनौती देने वाले डायलॉग्स का इस्तेमाल किया जाता है।
गैंग में सिर्फ 'बादशाह' नहीं, 'युवतियां' भी शामिल
जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस गैंग का नेटवर्क सिर्फ युवकों तक सीमित नहीं है। इल्लीगल गैंग में युवतियों की मौजूदगी ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। गैंग के सदस्य खुद को शूटर, बादशाह और वासु बच्चा जैसे उपनामों से पुकारते हैं। 2018 से सक्रिय इस गैंग में वर्तमान में 50 से ज्यादा सदस्य बताए जा रहे हैं, जिनमें अधिकांश कम उम्र के लड़के हैं जो 'गैंगस्टर लाइफ' की चकाचौंध से प्रभावित होकर इस राह पर चल पड़े हैं।
जेल के गेट पर कत्ल और कुख्यात संरक्षण
आकाश उर्फ भूरा हड्डी का नाम उस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में आया था, जब उसने बीजेपी युवा मोर्चा अध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा की हत्या की थी। यह दुस्साहस देखिए कि हत्या 18 मार्च 2024 को भोपाल सेंट्रल जेल के मुख्य द्वार पर ही की गई थी। आरोप है कि भूरा हड्डी को शहर के बड़े और पुराने कुख्यात अपराधियों का संरक्षण प्राप्त है। उसकी इंस्टाग्राम आईडी खंगालने पर पता चलता है कि शहर के कई बड़े बदमाशों के साथ उसके तार जुड़े हुए हैं।
पुलिस की रडार पर 'डिजिटल' बदमाश
सोशल मीडिया पर गैंग की बढ़ती सक्रियता और जेल से बाहर आने के बाद भूरा हड्डी की नई प्लानिंग ने पुलिस को अलर्ट कर दिया है। बताया जा रहा है कि गैंग के जरिए अवैध वसूली और शहर में वर्चस्व की लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस अब इन बदमाशों की रीयल लाइफ के साथ-साथ डिजिटल लाइफ पर भी पैनी नजर रख रही है। इंस्टाग्राम पर हथियारों या हिंसा का प्रदर्शन करने वालों की लिस्ट तैयार की जा रही है।
भोपाल की जनता और अभिभावकों के लिए यह एक चेतावनी है। सोशल मीडिया पर दिखने वाला यह 'गैंगस्टर स्वैग' असल जिंदगी में सिर्फ जेल की सलाखों या तबाही तक ले जाता है। क्या भोपाल पुलिस इस 'इल्लीगल' नेटवर्क को जड़ से खत्म कर पाएगी? यह बड़ा सवाल बना हुआ है।