भोपाल (क्राइम डेस्क): राजधानी भोपाल के निशातपुरा थाना अंतर्गत करोंद क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसा है। अड़ीबाजी (रंगदारी) के लिए किराना दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और मारपीट करने वाले मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह सोलंकी और उसके तीन साथियों को पुलिस ने धर दबोचा है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस इन बदमाशों का सार्वजनिक जुलूस निकालने की तैयारी में है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 25 जनवरी 2026 की शाम करीब 7:20 बजे की है। करोंद स्थित '7 दुकान' क्षेत्र में एक किराना दुकान संचालक अपनी दुकान पर बैठा था। तभी आरोपी कुलदीप सिंह सोलंकी अपने साथियों सुमित राणा, उदित राजपूत और दीपू कुशवाह उर्फ बच्चा के साथ वहां पहुँचा। बदमाशों ने शराब पीने के नाम पर दुकानदार से 10,000 रुपये की मांग की।
जब दुकानदार ने पैसे देने से मना किया, तो बदमाशों ने अपना आपा खो दिया। उन्होंने दुकान का काउंटर गिरा दिया, सामान की तोड़फोड़ की और व्यापारी के साथ सरेआम मारपीट की। यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
निशातपुरा पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश
घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहे थे। निशातपुरा पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस की टीम ने संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, जिसके दबाव में आकर आखिरकार चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए।
2 दिन की पुलिस रिमांड पर आरोपी
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय (कोर्ट) में पेश किया, जहां से उनकी 2 दिन की पुलिस रिमांड (PR) मिली है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से उनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य साथियों के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में बदमाशों का खौफ खत्म करने के लिए उनका उसी इलाके में जुलूस निकाला जा सकता है, जहां उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था।
व्यापारियों में आक्रोश और पुलिस की चेतावनी
इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में काफी आक्रोश था। व्यापारियों ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। निशातपुरा पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राजधानी में गुंडागर्दी और अड़ीबाजी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है और ऐसे असामाजिक तत्वों पर एनएसए (NSA) जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।