हाई-प्रोफाइल मामला: विदिशा वन मंडल की रात्रिकालीन गश्ती ने किया बड़ा खुलासा, जब्त हुई एयरगन और चाकू
भोपाल/विदिशा: राजधानी भोपाल से सटे विदिशा ज़िले के वन क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब वन विभाग की सक्रिय टीम ने देर रात गश्त के दौरान शिकार के इरादे से आए दो हाई-प्रोफाइल आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में से एक भोपाल में पटवारी के पद पर कार्यरत है, जबकि दूसरा पेशे से सिविल इंजीनियर है। दोनों की गिरफ्तारी से सरकारी महकमों और निजी क्षेत्रों में सनसनी फैल गई है।
🌙 रात की गश्त, बड़ा शिकार
यह कार्रवाई वन मण्डलाधिकारी, विदिशा, श्री हेमन्त यादव के कड़े निर्देश पर की गई। सोमवार, 15 दिसंबर 2025 की रात को वन परिक्षेत्र अधिकारी लटेरी (दक्षिण) श्री विवेक चौधरी को एक पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली। सूचना मिलते ही श्री चौधरी ने देर न करते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया, जिसमें परिक्षेत्र सहायक चौपड़ा श्री संजय कुमार मीना, का.वा.वनपाल, बीटगार्ड मुस्करा श्री अमित शर्मा और अन्य स्टाफ शामिल थे।
टीम को तत्काल लटेरी-शमशाबाद रोड से लगे बीट मुस्करा के वनक्षेत्र (कक्ष क्र. पी-302) में दबिश देने के लिए रवाना किया गया।
🛵 मोटरसाइकिल और 'शिकारी' हथियार
रात के अंधेरे में गश्त कर रहे वन स्टाफ ने वनक्षेत्र से एक मोटरसाइकिल (हीरो एच.एफ. डीलक्स, वाहन नं. MP40MS1768) को तेज़ी से लटेरी-शमशाबाद रोड की ओर आते देखा। शक होने पर टीम ने तुरंत उसे रोका और सघन चेकिंग शुरू की।
चेकिंग के दौरान, बाइक चला रहे व्यक्ति की थैली में से एक धारदार चाकू बरामद हुआ, जिसकी पैमाइश 14 सेंटीमीटर थी। वहीं, पीछे बैठे दूसरे सदस्य के पास से एक उच्च क्षमता वाली एयरगन बंदूक मिली, जिस पर शिकार में मदद करने वाला टेलीस्कोप (दूरबीन) भी लगा हुआ था।
जब दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे जंगली जानवरों के शिकार करने के इरादे से वनक्षेत्र में आए थे।
🧑⚖️ पटवारी और इंजीनियर की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बाद में सार्वजनिक हुई, जिसने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया।
* गुफरान अहमद पुत्र जहूर अहमद, निवासी करोद, भोपाल। पूछताछ में पता चला कि यह आरोपी हल्का अगरिया, तहसील हुजूर, जिला भोपाल में पटवारी के पद पर कार्यरत है।
* मोहम्मद आमिर पुत्र मोहम्मद अफरोज, निवासी म.नं. 344 पुलिस स्टेशन के सामने, श्यामला हिल्स, तहसील हुजूर, जिला भोपाल। इसने बताया कि वह एक प्राइवेट सिविल इंजीनियर के तौर पर काम करता है।
दोनों आरोपियों को उनकी मोटरसाइकिल, चाकू और एयरगन सहित मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। वन विभाग ने इस गंभीर मामले में तत्काल वन अपराध प्रकरण क्र. 24/83 दिनांक 15.12.2025 जारी किया है।
🚨 वन विभाग का सख्त संदेश
यह गिरफ्तारी यह साबित करती है कि वन विभाग जंगली जीवों और वन सम्पदा की सुरक्षा के प्रति कितना गंभीर है। इस मामले में पटवारी और इंजीनियर जैसे ज़िम्मेदार पदों पर कार्यरत व्यक्तियों का शिकार के इरादे से पकड़ा जाना समाज में एक नकारात्मक संदेश देता है।
वन मण्डलाधिकारी श्री हेमन्त यादव ने साफ संदेश दिया है कि शिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनका सामाजिक या व्यावसायिक पद कितना भी बड़ा क्यों न हो। वन विभाग इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई कर रहा है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति वन जीवों को हानि पहुंचाने का दुस्साहस न करे। दोनों आरोपियों को अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों को झकझोर कर रख दिया है। यह गंभीर मामला सरकारी कर्मचारियों की नैतिक ज़िम्मेदारी पर भी बड़े सवाल खड़े करता है।