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भक्ति की लहरों पर सांची: दो किलोमीटर लंबी चुनरी यात्रा ने रचा इतिहास!

2025-09-24  BHOPAL REPORTER VIJAY SHARMA  698 views

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वसीम कुरेशी साँची नवरात्रि के पावन अवसर पर, सांची नगर ने मंगलवार को एक अविस्मरणीय और अद्भुत दृश्य का अनुभव किया, जब हजारों भक्तों का सैलाब माता रानी की भक्ति में सराबोर होकर दो किलोमीटर लंबी चुनरी यात्रा में उमड़ पड़ा। यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक जुलूस नहीं, बल्कि आस्था, एकता और सामूहिक उत्साह का एक ऐसा संगम थी, जिसने पूरे नगर को भक्ति के रंग में रंग दिया।

एक शुरुआत जो बन गई मिसाल

नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम और पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सुशीला बाई के नेतृत्व में, यह भव्य यात्रा मांची माई मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन के साथ शुरू हुई। जैसे ही माँ दुर्गा के जयकारे गूंजे, भक्तों का जोश चरम पर पहुंच गया। युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सभी एक ही रंग में रंगे, पारम्परिक वेशभूषा में माँ के गीत गाते और जयकार करते हुए आगे बढ़ने लगे। यह यात्रा न केवल परंपरा का निर्वाह कर रही थी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मिसाल कायम कर रही थी।

कदम-कदम पर भक्ति का महासागर

जैसे-जैसे यात्रा काछीकानाखेड़ा से होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुँची, इसकी भव्यता और भी बढ़ गई। नगर में प्रवेश करते ही, हर गली और हर चौराहा स्वागत द्वार और पुष्पवर्षा से जगमगा उठा। भक्तों का स्वागत करने के लिए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। महिलाओं ने कलश उठाए, तो युवाओं ने डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया। वातावरण में 'जय माता दी', 'जय माँ दुर्गा' के जयघोष ऐसे गूंज रहे थे, मानो देवी स्वयं नगर में पधारी हों।

जब थम गया पूरा नगर

यात्रा जब बस स्टैंड परिसर और शिव मंदिर चौराहे से गुजरी, तो ऐसा लगा मानो पूरा नगर थम गया हो। दुकानों के मालिक, राहगीर और स्थानीय निवासी सभी इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए रुक गए। आकाश में उड़ते फूलों की पंखुड़ियाँ और उड़ती गुलाल मानो माँ दुर्गा की महिमा का गुणगान कर रही थीं। चारों ओर गूंजता भक्ति संगीत और भक्तों का उत्साह ऐसा था कि हर किसी का मन श्रद्धा से भर उठा। यह दृश्य सिर्फ आंखों से देखने लायक नहीं था, बल्कि दिल से महसूस करने लायक था।

समापन और एक अटूट विश्वास

यह ऐतिहासिक चुनरी यात्रा बाउडी मंदिर कमापार पर समाप्त हुई। यहाँ पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और भक्तों को प्रसाद और फलाहार वितरित किया गया। हजारों की संख्या में उपस्थित भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर अपने आप को धन्य महसूस किया। इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि सांची नगर में माता रानी के प्रति अटूट आस्था और विश्वास की एक मजबूत डोर है, जो हर किसी को एक साथ बांधती है। यह यात्रा केवल एक दिन का आयोजन नहीं थी, बल्कि एक ऐसा अनुभव थी, जिसने हर नगरवासी के मन में एक अमिट छाप छोड़ी। यह भक्ति की एक ऐसी लहर थी, जिसने हर किसी को एक-दूसरे के करीब ला दिया।

भविष्य के लिए एक संदेश

इस भव्य चुनरी यात्रा ने न सिर्फ नगर में भक्ति का माहौल बनाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि हमारी संस्कृति और हमारी परंपराएं कितनी समृद्ध और जीवंत हैं। यह हर किसी के लिए गर्व का क्षण था, जिसने दिखाया कि कैसे सामूहिक प्रयास और आस्था के बल पर हम किसी भी आयोजन को एक ऐतिहासिक घटना में बदल सकते हैं। यह चुनरी यात्रा सांची के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई है और आने वाले कई सालों तक लोगों को प्रेरित करती रहेगी।


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