नैनपुर/शहडोल। मध्य प्रदेश के रेल नेटवर्क से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। शहडोल से नागपुर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन शुक्रवार दोपहर एक भीषण हादसे का शिकार हो गई। सिवनी जिले के केवलारी के पास नैनपुर से महज 7 किलोमीटर दूर गंगाटोला में ट्रेन पटरी से उतर गई (Derailed)। इस हादसे के बाद यात्रियों में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
कैसे हुआ हादसा? रोंगटे खड़े कर देने वाली मंजर
जानकारी के अनुसार, ट्रेन अपने निर्धारित समय पर शहडोल से नागपुर की ओर बढ़ रही थी। दोपहर करीब 12:20 बजे जब ट्रेन नैनपुर और केवलारी के बीच गंगाटोला क्षेत्र में पहुंची, तभी अचानक तेज झटके के साथ ट्रेन का संतुलन बिगड़ गया। बताया जा रहा है कि गार्ड की आखिरी बोगी पटरी से नीचे उतर गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती खबरों की मानें तो हादसा इतना गंभीर था कि गार्ड वाली आखिरी बोगी पटरी से उतरने के बाद करीब आधा किलोमीटर (500 मीटर) तक जमीन पर घिसटती रही। गनीमत रही कि बोगी पलटी नहीं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पटरी और पहियों के बीच रगड़ से निकले धुएं और आवाज को देखकर चालक ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए।
नैनपुर-नागपुर ट्रैक हुआ ठप, राहत कार्य जारी
इस हादसे के तुरंत बाद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अधिकारियों को सूचना दी गई। आनन-फानन में नैनपुर से 'रेलवे रिलीफ ट्रेन' और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है।
वर्तमान स्थिति:
ट्रैक बंद: इस हादसे के कारण नैनपुर से नागपुर के बीच का रेल मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है।
ट्रेनें प्रभावित: इस रूट पर चलने वाली अन्य ट्रेनों के संचालन को फिलहाल रोक दिया गया है या उन्हें नजदीकी स्टेशनों पर खड़ा किया गया है।
मरम्मत कार्य: रेलवे की तकनीकी टीम पटरी और बोगी को वापस ट्रैक पर लाने की कोशिश में जुटी है। ट्रैक पूरी तरह सही होने के बाद ही ट्रेनों का आवागमन दोबारा शुरू किया जाएगा।
यात्री सुरक्षित, पर जांच के घेरे में लापरवाही!
रेलवे प्रशासन का कहना है कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर ट्रेन पटरी से उतरी कैसे? क्या यह पटरी में आई किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर इसके पीछे कोई और बड़ी लापरवाही है? रेलवे के उच्च अधिकारी मामले की जांच के आदेश दे रहे हैं।
फिलहाल यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है। स्टेशन पर फंसे यात्रियों के लिए हेल्पलाइन और सूचना केंद्र सक्रिय कर दिए गए हैं।