अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। थाना राजेंद्रग्राम पुलिस ने 9 महीने से फरार चल रहे दुष्कर्म के एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने एक 25 वर्षीय युवती को न केवल अगवा किया, बल्कि उसे दो महीने तक बंधक बनाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने आरोपी को पड़ोसी जिले डिंडोरी से घेराबंदी कर दबोचा है।
बाजार आई युवती का हुआ था अपहरण
घटना की शुरुआत 3 मार्च 2025 को हुई थी, जब राजेंद्रग्राम क्षेत्र की रहने वाली 25 वर्षीय युवती खरीदारी के लिए स्थानीय बाजार आई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इसी दौरान सुनसान मौके का फायदा उठाया और युवती को डरा-धमकाकर जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। आरोपी युवती को लेकर डिंडोरी जिले के बम्हनी भावर इलाके में चला गया, जहां उसने युवती को एक अज्ञात स्थान पर कैद कर दिया।
दो महीने तक नर्क जैसी यातना और बंधक
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे दो महीने तक एक कमरे में बंद रखा। इस दौरान आरोपी ने उसके साथ लगातार शारीरिक शोषण और दुष्कर्म किया। युवती को मानसिक और शारीरिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि वह भागने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रही थी। आरोपी की दहशत के कारण वह लंबे समय तक खामोश रही।
एक गलती और आरोपी का खेल खत्म
कहते हैं अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई सुराग जरूर छोड़ता है। इस मामले में भी यही हुआ। एक दिन आरोपी गलती से अपना मोबाइल फोन पीड़िता के पास ही छोड़ गया। युवती ने इसी मौके का फायदा उठाया और तुरंत अपने परिजनों को फोन कर अपनी लोकेशन और आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़िता किसी तरह आरोपी के चंगुल से भागकर डिंडोरी कोतवाली पहुंची और मामला दर्ज कराया।
9 महीने की फरारी और पुलिस की कार्रवाई
मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन वह बार-बार ठिकाने बदल रहा था। राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों (लोकेशन ट्रैकिंग) की मदद से आरोपी का पीछा जारी रखा। आखिरकार, 9 महीने की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी को डिंडोरी से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसकी गंभीर अपराध को देखते हुए उसे सीधे जेल भेज दिया गया है। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र की महिलाओं और पीड़िता के परिवार ने राहत की सांस ली है।
यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल तो उठाती ही है, साथ ही पीड़िता के साहस की भी कहानी है जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।