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अनोखा विरोध: कांग्रेस पार्षदों ने सीएमओ को सौंपे 'गधे', कहा- ‘निर्माण कार्य ठप, अब यही करेंगे विकास’

2025-08-29  Editor Shubham Jain  814 views

ImgResizer_20250829_1623_28490राघवेंद्र दांगी विदिशा - मध्य प्रदेश के विदिशा में भाजपा पार्षदों के बीच चल रही आपसी खींचतान का खामियाजा शहर के विकास कार्यों को भुगतना पड़ रहा है। निर्माण कार्य ठप होने से नाराज कांग्रेस पार्षदों ने शुक्रवार को एक ऐसा अनोखा विरोध प्रदर्शन किया कि पूरे नगर पालिका परिसर में हड़कंप मच गया।

गधे, ढोल और तीखी नारेबाजी

कांग्रेस पार्षदों ने ढोल-ढमाकों के साथ दो गधों को नगर पालिका कार्यालय के बाहर लाया। यह दृश्य देख हर कोई हैरान रह गया। प्रतिपक्ष नेता आशीष माहेश्वरी, पार्षद नितेश राजा यादव और जितेंद्र तिवारी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन हुआ। उनका कहना था कि जब नगर पालिका में कोई काम नहीं हो रहा है, तो अब विकास कार्यों की जिम्मेदारी गधों को ही सौंप दी जाए। इस दौरान उन्होंने तीखी नारेबाजी भी की।

जैसे ही ढोल की आवाज और नारेबाजी के साथ गधे नगर पालिका परिसर में दाखिल हुए, कर्मचारी और अधिकारी सकते में आ गए। विरोध प्रदर्शन का यह तरीका न सिर्फ ध्यान खींचने वाला था, बल्कि सत्ताधारी पार्टी के पार्षदों को एक सीधा और तीखा संदेश भी दे रहा था।

क्यों ठप हैं निर्माण कार्य?

कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि नगर पालिका में भाजपा पार्षदों के बीच चल रहे विवाद के कारण कोई भी निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। टेंडर प्रक्रिया और अन्य जरूरी कामों में लगातार देरी हो रही है, जिससे शहर में विकास की गति रुक गई है। यह स्थिति पिछले कुछ समय से बनी हुई है और जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

विदिशा में जनता ने पार्षदों को चुना है ताकि वे उनके लिए काम करें, लेकिन जब चुने हुए प्रतिनिधि ही आपस में लड़ रहे हों तो जनता का आक्रोश स्वाभाविक है। कांग्रेस के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।

विरोध का राजनीतिक संदेश

यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ एक मज़ाकिया घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा राजनीतिक संदेश छिपा है। कांग्रेस ने भाजपा की आंतरिक कलह को उजागर कर जनता का ध्यान इस ओर खींचा है। उनका मकसद यह दिखाना है कि सत्ता में बैठे लोग जनता के काम करने के बजाय सिर्फ अपने निजी झगड़ों में उलझे हुए हैं।

इस तरह के रचनात्मक और अनोखे विरोध प्रदर्शन अक्सर जनता का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं और मीडिया में भी सुर्खियां बटोरते हैं। यह घटना बताती है कि विपक्ष मुद्दों को उठाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहा है, ताकि उनकी बात सरकार तक और जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।

यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना के बाद भाजपा के नेता क्या कदम उठाते हैं और क्या वे अपनी आपसी कलह को सुलझाकर विदिशा के विकास कार्यों को फिर से शुरू कर पाते हैं या नहीं।


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