
भोपाल पुलिस ने बीज प्रमाणीकरण संस्था के 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में फरार बैंक मैनेजर को अकोला, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने शहर में फरार आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए थे, जिसके तहत एसआईटी टीम को कार्रवाई सौंपी गई थी।
कैसे हुआ घोटाला?
14 सितंबर 2024 को बीज प्रमाणीकरण अधिकारी सुखदेव प्रसाद अहिरवार ने कोतवाली थाना में शिकायत दी थी कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इमामी गेट शाखा में जमा संस्था की 10 करोड़ रुपये की एफडीआर राशि का गबन किया गया है। इस मामले में बैंक मैनेजर नोएल सिंह और बीडी नामदेव को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने जांच के बाद धारा 318(4), 316(5), 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस की कार्रवाई
नामजद आरोपी नोएल सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया था। पुलिस टीम ने जबलपुर, छिंदवाड़ा और मुंबई में तलाशी की, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आया। बाद में तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस को पता चला कि आरोपी अकोला, महाराष्ट्र में है। तत्काल टीम रवाना हुई और आरोपी को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
पहले गिरफ्तार हो चुके आरोपी
बृजेंद्र दास नामदेव
दीपक पंथी
धनंजय गिरी
शैलेन्द्र प्रधान उर्फ आचार्य बाबा
राजेश शर्मा
पियूष शर्मा
वरुण कुमार चौधरी
किसलय राज चौधरी
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस गिरफ्तारी में सहायक पुलिस आयुक्त अनिल वाजपेयी, निरीक्षक अवधेश सिंह भदौरिया, उपनिरीक्षक अमित भदौरिया, आरक्षक देवेंद्र सिहोलिया और जितेंद्र राजावत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई