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10 घंटे में ढूंढ निकाली गुमशुदा नाबालिग!

2025-12-11  Reporter vidisha Raghvendra Dangi  512 views

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मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की हैदरगढ़ पुलिस ने त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई का एक अद्भुत उदाहरण पेश किया है। एक गुमशुदा नाबालिग बालिका को मात्र 10 घंटे के रिकॉर्ड समय में दस्तयाब कर लिया गया है। पुलिस की इस तत्परता से न केवल एक बड़ी अनहोनी टल गई, बल्कि परिजनों के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चला ऑपरेशन

यह बड़ी सफलता पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के कुशल निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे व एस.डी.ओ.पी. श्रीमती शिखा भलावी के मार्गदर्शन का परिणाम है। हैदरगढ़ पुलिस टीम ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू की।

घटना का विवरण: शाम 7:30 बजे मिली सूचना

घटना दिनांक 09 अक्टूबर 2025 की है। शाम लगभग 07:30 बजे, हैदरगढ़ थाने को नाबालिग बालिका के पिता द्वारा उसकी गुमशुदगी की सूचना प्राप्त हुई। मामला एक नाबालिग से जुड़ा होने के कारण, पुलिस ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा।

सूचना मिलते ही, थाना हैदरगढ़ पुलिस बल ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने अंधेरे और मुश्किल हालात की परवाह किए बिना तत्काल सघन तलाश अभियान शुरू कर दिया। पुलिस ने बालिका के संभावित ठिकानों और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की दिशा तय की।

रिकॉर्ड 10 घंटे में दस्तयाब: परिवार में ख़ुशी का माहौल

पुलिस टीम की अथक मेहनत और सटीक रणनीति रंग लाई। मात्र 10 घंटे के अल्प समय में ही पुलिस ने गुमशुदा बालिका का पता लगाकर उसे सकुशल दस्तयाब कर लिया। बालिका को सुरक्षित देखकर उसके परिजनों की ख़ुशी का ठिकाना न रहा। हैदरगढ़ पुलिस ने मानवीयता का परिचय देते हुए बालिका को विधिवत उसके परिवार को सौंप दिया, जिससे पूरे परिवार और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।

आरोपी गिरफ्तार, पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई

पुलिस ने केवल बालिका को ही दस्तयाब नहीं किया, बल्कि उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने वाले आरोपी को भी तुरंत गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अभिषेक पिता रघुवीरसिंह केवट, निवासी ग्राम घाटाखेड़ी, चाचौड़ा के रूप में हुई है।

हैदरगढ़ पुलिस ने आरोपी अभिषेक के विरुद्ध सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की है। उसके खिलाफ धारा 137(2) और इजाफा धारा 87 बी.एन.एस. (भारतीय न्याय संहिता) के साथ ही धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के तहत विधिवत कार्रवाई की गई। आरोपी को तत्काल न्यायालय विदिशा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि नाबालिगों के प्रति अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

इन अधिकारियों की रही सराहनीय भूमिका

इस त्वरित और सफल ऑपरेशन में थाना प्रभारी के.के. पवार, सउनि अनूप यादव, प्रधान आरक्षक विजय कुमार गुप्ता, आरक्षक रूपेश कुर्मी एवं आरक्षक राहुल यादव की टीम ने अत्यंत सराहनीय भूमिका निभाई। उनकी तत्परता और संवेदनशीलता ने हैदरगढ़ पुलिस का नाम रोशन किया है। यह टीम अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है कि किस प्रकार त्वरित कार्रवाई से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।


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