
स्वाति श्रीवास्तव विदिशा नगर पालिका ने बकाया संपत्ति कर और जल कर वसूलने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। अब शहर में जहां भी ढोल-नगाड़ों की आवाज सुनाई दे, तो यह मत समझिए कि वहां कोई शादी या खुशी का माहौल है! बल्कि यह संकेत है कि नगर पालिका की टीम किसी बड़े बकायादार के घर या दुकान के बाहर खड़ी है।
नगर पालिका के अनुसार, शहर में 7 करोड़ रुपये संपत्ति कर और 8 करोड़ रुपये नल कर बकाया है। तमाम नोटिस और घोषणाओं के बावजूद बकायादारों ने कर नहीं चुकाया, तो अब गांधीवादी तरीका अपनाते हुए ढोल बजाकर जागरूकता फैलाई जा रही है।
ऐसे चल रही वसूली मुहिम
नगर पालिका की टीम ढोल बजवाकर बकायादारों के घर के सामने पहुंचती है, जिससे आसपास के लोग भी इकट्ठा हो जाते हैं। सामाजिक दबाव बढ़ता है, और लोग बकाया राशि चुकाने के लिए प्रेरित होते हैं।
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि यह तरीका असरदार साबित हो रहा है। कई बकायादारों ने मौके पर ही कर चुकाने का वादा किया है, जबकि कुछ ने तुरंत भुगतान कर दिया।
तो अगली बार अगर आपके दरवाजे पर ढोल बजे, तो घबराइए मत! हो सकता है कि यह किसी पड़ोसी का बकाया चुकाने की याद दिलाने आया हो।