LaraMag - Système d'actualités / Magazine Laravel Multilingue

Header
collapse
Accueil / Entertainment / 'पंचायत घोटाला'! बिना ईंट रखे डकार गए लाखों रुपए

'पंचायत घोटाला'! बिना ईंट रखे डकार गए लाखों रुपए

28-04-2026  Shubham Jain  109 vues

ImgResizer_1777353825178
​बैरसिया (भोपाल): मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर जनपद पंचायत बैरसिया के कुछ सरपंच और सचिव पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। बैरसिया जनपद की कई ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर सरकारी खजाने में ऐसी सेंधमारी की गई है कि सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। चौंकाने वाली बात यह है कि जमीन पर एक ईंट तक नहीं रखी गई, लेकिन कागजों में चमचमाती सड़कें और नाले बनाकर लाखों रुपए की राशि डकार ली गई।


​अब यह मामला केवल गलियों की चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी शिकायत सीधे पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री की चौखट तक जा पहुंची है।


​कागजों में 'विकास', जमीन पर सिर्फ 'घपला'
​सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैरसिया जनपद की आधा दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें वर्तमान में जांच के घेरे में हैं। यहां के सरपंचों और सचिवों की जुगलबंदी ने भ्रष्टाचार का ऐसा खेल खेला है, जहां निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही उसका 'पेमेंट' हो गया।
​इन पंचायतों में मुख्य रूप से तीन तरह के खेल चल रहे हैं:


​निल बटा सन्नाटा: बिना किसी निर्माण कार्य के फर्जी मस्टरोल और बिल लगाकर लाखों की राशि निकाल ली गई।


​गुणवत्ता से खिलवाड़: जहां काम हुआ भी है, वहां सामग्री इतनी घटिया इस्तेमाल की गई है कि पहली बारिश में ही निर्माण ताश के पत्तों की तरह ढहने की कगार पर है।
​पुरानी शराब, नई बोतल: पुराने बने हुए चबूतरों, नालियों या सीसी रोड पर सिर्फ रंग-रोगन और 'लीपापोती' करके उन्हें नया निर्माण कार्य दिखाकर दोबारा पैसा आहरित कर लिया गया।


​मंत्री के दरबार में पहुंची फाइल, डरे हुए हैं जिम्मेदार
​जैसे ही यह मामला पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के संज्ञान में आया है, जनपद से लेकर जिला पंचायत तक हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने ठोस सबूतों और तस्वीरों के साथ शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने इस भ्रष्टाचार का विरोध किया, तो उन्हें रसूख का डर दिखाया गया।


​"सरकारी पैसा जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है। अगर बिना काम किए राशि निकाली गई है, तो यह सीधे तौर पर सरकारी चोरी है। हम इसकी निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को जेल भिजवाएंगे।" — जागरूक नागरिक समूह, बैरसिया


​सिर्फ लीपापोती से काम चलाने की कोशिश
​जांच की आहट मिलते ही कई पंचायतों में रातों-रात 'लीपापोती' का काम शुरू हो गया है। पुराने अधूरे कामों को आनन-फानन में पूरा दिखाया जा रहा है। लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण की गुणवत्ता (Quality) की जांच हुई, तो बड़े-बड़े धुरंधर नप जाएंगे। जमीन पर हुए घटिया निर्माण कार्यों की वजह से शासन को लाखों रुपए का चूना लगा है।


​जनता की मांग: 'होनी चाहिए उच्च स्तरीय जांच'
​बैरसिया के जागरूक नागरिकों ने अब मोर्चा खोल दिया है। उनकी मांग है कि:
​पिछले दो वर्षों में हुए सभी निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) हो।
​सिर्फ कागजी जांच न हो, बल्कि मौके पर जाकर निर्माण की गुणवत्ता परखी जाए।
​भ्रष्ट सरपंच, सचिव और इसमें शामिल सांठगांठ करने वाले इंजीनियरों पर एफआईआर दर्ज हो।


​अब देखना यह होगा कि मंत्री जी के निर्देश के बाद जांच की आंच किन-किन 'बड़े नामों' तक पहुंचती है। क्या बैरसिया की जनता को उनका हक मिलेगा या फिर यह फाइल भी फाइलों के ढेर में दबकर रह जाएगी?


Partager :

Laisser un commentaire

Votre adresse e-mail ne sera pas publiée. Les champs obligatoires sont marqués *

Votre expérience sur ce site sera améliorée en autorisant les cookies Politique des cookies