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-अटेंडेंस को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट पर शिक्षक निलंबित

22-09-2026  Vijay Sharma  105 views
-अटेंडेंस को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट पर शिक्षक निलंबित

भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना एक उच्च माध्यमिक शिक्षक को भारी पड़ गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरीक्षा, विकासखण्ड मेहगांव में पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षक मनीष सागर को लोक शिक्षण आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

विभागीय आदेश के अनुसार शिक्षक पर ई-अटेंडेंस प्रक्रिया के खिलाफ अन्य शिक्षकों को उकसाने, गलत संदर्भ में भ्रामक जानकारी प्रसारित करने और सोशल मीडिया के माध्यम से निजी हितलाभ अर्जित करने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अटेर, जिला भिण्ड निर्धारित किया गया है।

सोशल मीडिया पोस्ट बनी कार्रवाई का आधार

लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, मनीष सागर ने 22 अगस्त 2026 की रात करीब 10:12 बजे रीवा जिले के त्योंधर विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला चोटिया/झोटिया में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक प्रकाश सिंह की मृत्यु के संबंध में फेसबुक पर पोस्ट की थी।

विभाग के अनुसार, इस पोस्ट में शिक्षक की मृत्यु के लिए मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित ई-अटेंडेंस प्रक्रिया को जिम्मेदार दर्शाया गया था।

आदेश में शिक्षक के फेसबुक अकाउंट का नाम “मनीष सागर Digital Content Creator, Govt. Lecturer Department of School Education, MP” दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया है।

X अकाउंट की पोस्ट का भी उल्लेख

निलंबन आदेश में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिक्षक के अकाउंट से की गई पूर्व पोस्टों का भी हवाला दिया गया है। विभाग के मुताबिक, इन पोस्टों में ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर टिप्पणियां की गई थीं।

आदेश में 15 अगस्त 2026 को X अकाउंट से की गई पोस्टों का उल्लेख करते हुए यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया से पैसे प्राप्त होने संबंधी एक अन्य पोस्ट सामने आई थी। विभाग ने इसे निजी हितलाभ अर्जित करने और अन्य शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के विरुद्ध उकसाने से जोड़ा है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये बातें निलंबन आदेश में विभाग द्वारा लगाए गए आरोप और दर्ज किए गए निष्कर्ष हैं। मामले में संबंधित कर्मचारी का पक्ष या आगे की विभागीय प्रक्रिया का अंतिम परिणाम अलग से सामने आ सकता है।

आचरण नियमों के उल्लंघन का हवाला

लोक शिक्षण विभाग के आदेश में मनीष सागर के कथित कृत्य को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उपनियम (1), (2) और (3) का उल्लंघन बताया गया है।

विभाग ने इन्हीं आधारों पर उनके कृत्य को कदाचरण की श्रेणी में माना और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की।

अटेर कार्यालय रहेगा मुख्यालय

निलंबन आदेश के अनुसार, मनीष सागर का मुख्यालय अब कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, अटेर, जिला भिण्ड निर्धारित किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान उन्हें शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

ई-अटेंडेंस को लेकर पहले से सख्ती

मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर पहले से सख्त रुख अपना रहा है। जुलाई 2026 में लोक शिक्षण संचालनालय ने ई-अटेंडेंस से जुड़े मामलों में कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। विभाग ने नियमित डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित करने और नियमों का पालन नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।

ऐसे में मनीष सागर पर हुई कार्रवाई को भी विभाग की इसी सख्त प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इस मामले में निलंबन का तत्काल आधार ई-अटेंडेंस व्यवस्था पर सोशल मीडिया पोस्ट और विभाग द्वारा बताए गए अन्य आरोप हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट पर विभाग की नजर

सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियां अब विभागीय अनुशासन के दायरे में भी चर्चा का विषय बन रही हैं। मनीष सागर के मामले में विभाग ने फेसबुक और X पर किए गए पोस्टों को निलंबन आदेश में आधार बनाया है।

इस कार्रवाई के बाद सरकारी कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया पर विभागीय नीतियों, सरकारी व्यवस्थाओं और प्रशासनिक निर्णयों से संबंधित पोस्ट किए जाने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

फिलहाल मनीष सागर का निलंबन प्रभावी है और उनका मुख्यालय अटेर में निर्धारित किया गया है। मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया के दौरान अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।


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