भोपाल। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। 25 सितंबर 2026 को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम ई-बस सेवा का भव्य शुभारंभ प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर 300 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इनमें मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के तहत संचालित होने वाली बसें शामिल होंगी।
कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में यात्रियों की सुविधा, बसों के रूट, पार्किंग, यातायात, सुरक्षा और आपात व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलों से भोपाल आएंगे नागरिक, तय होंगे रूट और बसें
शुभारंभ कार्यक्रम में संभाग के विभिन्न जिलों से नागरिकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने परिवहन व्यवस्था का विस्तृत प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। नागरिकों को कार्यक्रम स्थल तक लाने और कार्यक्रम के बाद वापस पहुंचाने के लिए रूट और बसों की संख्या निर्धारित की जाएगी। प्रत्येक रूट के लिए एक रूट प्रभारी तथा दो बस प्रभारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।
बसों के प्रस्थान स्थल पहले से तय किए जाएंगे, ताकि यात्रियों को बस तलाशने में परेशानी न हो। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले मार्गों को भी चिन्हित कर यातायात व्यवस्था के अनुरूप संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
बसों की फिटनेस और यात्रियों की सुविधाओं पर फोकस
प्रशासन ने कार्यक्रम में लगाई जाने वाली बसों की तकनीकी जांच और फिटनेस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लंबी दूरी से आने वाले यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए भोजन, नाश्ता और पेयजल की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
बसों में पर्याप्त पानी और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यात्रा के दौरान यात्रियों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को राज्य में सार्वजनिक बस परिवहन को नए स्वरूप में विकसित करने की पहल के तौर पर पेश किया गया है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस सेवा के तहत सिटी, इंटरसिटी और अंतरराज्यीय मार्ग विकसित करने की योजना है।
गणेश विसर्जन के कारण यातायात की चुनौती
25 सितंबर को गणेश विसर्जन के कार्यक्रम भी होंगे। ऐसे में राजधानी में कई स्थानों पर जुलूस और भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर दिया है।
बसों के निर्धारित मार्गों में आने वाले भीड़भाड़ वाले स्थानों को पहले से चिन्हित किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
ग्रामीण पुलिस और भोपाल नगरीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जिलों से आने वाली बसों और विसर्जन जुलूसों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
कंट्रोल रूम से होगी निगरानी
कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की समस्या से निपटने के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। इन कंट्रोल रूम को संभाग स्तर के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, ताकि सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान हो सके।
सभी नोडल अधिकारियों का व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल साझा करने की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे रूट में बदलाव, ट्रैफिक की स्थिति, बसों की आवाजाही या किसी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों तक जानकारी तेजी से पहुंचाई जा सकेगी।
पार्किंग और वैकल्पिक मार्गों पर भी नजर
कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में बसों और लोगों के पहुंचने को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। पुलिस विभाग को पार्किंग के साथ-साथ पहुंच मार्गों पर यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी दी गई है।
भोपाल में विभिन्न स्थानों पर चल रहे सड़क निर्माण और मेट्रो कार्य को ध्यान में रखते हुए बसों के लिए वैकल्पिक और सुगम मार्ग तय किए जाएंगे। संभावित जाम वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश की संभावना को देखते हुए पुल-पुलियाओं पर निगरानी
सितंबर में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पुल-पुलियाओं और संवेदनशील मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। किसी मार्ग पर पानी भरने या आवागमन बाधित होने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी रहेगी।
इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य कार्यक्रम में आने वाले नागरिकों के आवागमन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना है।
सार्वजनिक परिवहन को नया स्वरूप देने की तैयारी
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को लेकर राज्य सरकार ने सार्वजनिक परिवहन के विस्तार की योजना बनाई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश में लगभग 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 अंतरराज्यीय रूट विकसित करने की योजना है। सेवा में तकनीक आधारित निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।
25 सितंबर का कार्यक्रम इसी व्यापक परिवहन पहल की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। भोपाल में 300 बसों को हरी झंडी दिखाए जाने के साथ सेवा के संचालन का औपचारिक आगाज होगा।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की है। जिलों से आने वाली बसों के रूट, यात्रियों की सुविधा, पार्किंग, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने का काम जारी है।
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